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काशी में बनेगी पूर्वांचल की सबसे ऊंची सरकारी बिल्डिंग, इन सुविधाओं से होगी लैस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 04 Jan 2018 02:17 PM IST
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वाराणसी नगर निगम मुख्यालय
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वाराणसी नगर निगम मुख्यालय का 11 मंजिला नया भवन पूर्वांचल का सबसे ऊंचा सरकारी भवन होगा। केंद्र और प्रदेश सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है। इसकी डिजाइन और डीपीआर तैयार करने के साथ ही इसके निर्माण की जिम्मेदारी केंद्रीय एजेंसी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन को दी गई है।
केंद्रीय एजेंसी ने भी इस पर अपनी सहमति दे दी है। 145 करोड़ की लागत से बनने वाली यह इमारत पूर्वांचल की सबसे ऊंची सरकारी बिल्डिंग होने के साथ ही कई मायनों में अनोखी होगी।
अत्याधुनिक डिजाइन और तकनीक से बनने वाली इस बहुमंजिली इमारत में शुरुआती चार मंजिलों का उपयोग नगर निगम मुख्यालय के तौर पर होगा। नगर निगम सदन के साथ ही महापौर और पार्षद कक्ष के अलावा अधिकारियों के अलग-अलग बैठने की व्यवस्था होगी।
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इंजीनियरिंग, सामान्य विभाग, स्मार्ट सिटी, हृदय, स्वास्थ्य, दाखिल-खारिज, राजस्व समेत 20 से अधिक अनुभागों के कार्यालय होंगे। बाकी सात मंजिलों का व्यावसायिक इस्तेमाल होगा। मल्टीस्टोरी पार्किंग, मॉल और रेस्टोरेंट होंगे।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि निगम मुख्यालय के नए भवन का प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया था। मंत्रालय ने इसकी सहमति मिल गई है। कार्यदायी संस्था के तौर पर एनबीसीसी को जिम्मेदारी दी गई है।
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केंद्रीय एजेंसी ने भी इस पर अपनी सहमति दे दी है। 145 करोड़ की लागत से बनने वाली यह इमारत पूर्वांचल की सबसे ऊंची सरकारी बिल्डिंग होने के साथ ही कई मायनों में अनोखी होगी।
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अत्याधुनिक डिजाइन और तकनीक से बनने वाली इस बहुमंजिली इमारत में शुरुआती चार मंजिलों का उपयोग नगर निगम मुख्यालय के तौर पर होगा। नगर निगम सदन के साथ ही महापौर और पार्षद कक्ष के अलावा अधिकारियों के अलग-अलग बैठने की व्यवस्था होगी।
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इंजीनियरिंग, सामान्य विभाग, स्मार्ट सिटी, हृदय, स्वास्थ्य, दाखिल-खारिज, राजस्व समेत 20 से अधिक अनुभागों के कार्यालय होंगे। बाकी सात मंजिलों का व्यावसायिक इस्तेमाल होगा। मल्टीस्टोरी पार्किंग, मॉल और रेस्टोरेंट होंगे।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि निगम मुख्यालय के नए भवन का प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया था। मंत्रालय ने इसकी सहमति मिल गई है। कार्यदायी संस्था के तौर पर एनबीसीसी को जिम्मेदारी दी गई है।