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सीवर की समस्या का हाईटेक इलाज: सफाई के लिए अब रोबोट उतारेगा नगर निगम, कैमरों से होगी पाइपलाइन की जांच
Fri, 06 Nov 2026 12:30 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Fri, 06 Nov 2026 12:30 PM IST
सार
वाराणसी नगर निगम अब सीवर की सफाई में रोबोट उतारेगा। वहीं पाइपलाइन की जांच कैमरों से होगी। इसके लिए सोलिनास इंटीग्रिटी कंपनी के साथ समझौता हुआ।
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जांच करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी शहर की सीवर लाइनों में जाम, लीकेज और गंदे पानी की समस्या का पता लगाने के लिए अब नगर निगम रोबोटिक तकनीक का सहारा लेगा। आधुनिक कैमरों और रोबोट की मदद से पाइपलाइन के भीतर की स्थिति की जांच कर खराबी की सटीक लोकेशन पता लगाई जाएगी। महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर बृहस्पतिवार से दशाश्वमेध घाट क्षेत्र से परियोजना का फील्ड वर्क शुरू हुआ।
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नगर निगम ने इस तकनीकी परियोजना के लिए चेन्नई की कंपनी सोलिनास इंटीग्रिटी प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है। परियोजना के लिए कोका-कोला कंपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत आर्थिक सहयोग कर रही है। इसका उद्देश्य सीवर लाइनों की निगरानी, जांच और मरम्मत की व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।
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सीवर संबंधी शिकायत मिलने पर अवर अभियंता (जेई) के निर्देश पर तकनीकी टीम मौके पर पहुंचेगी। वहां छोटा गड्ढा तैयार कर पाइप से कैमरा और रोबोट सीवर लाइन में भेजे जाएंगे। इससे पाइप के अंदर की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। लाइन में जंग, अवरोध, लीकेज या जाम होने की जानकारी मिलने के साथ खराबी की सटीक जगह भी चिह्नित की जा सकेगी। मरम्मत के लिए अनावश्यक सड़क खोदने की जरूरत कम होगी।
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दो तरह के उपकरणों से होगी जांच
परियोजना में दो प्रमुख तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। विशेष एंडोकैम से 50 से 125 मिलीमीटर व्यास तक की पाइपलाइनों का निरीक्षण किया जाएगा। वहीं, एंडो-90 रोबोट 125 से 400 मिलीमीटर व्यास तक की बड़ी पाइपलाइनों की जांच करने में सक्षम है। इन उपकरणों से पाइपलाइन के भीतर की स्थिति का पता लगाकर यह तय किया जा सकेगा कि किस स्थान पर खुदाई कर मरम्मत की जानी है।
परियोजना में दो प्रमुख तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। विशेष एंडोकैम से 50 से 125 मिलीमीटर व्यास तक की पाइपलाइनों का निरीक्षण किया जाएगा। वहीं, एंडो-90 रोबोट 125 से 400 मिलीमीटर व्यास तक की बड़ी पाइपलाइनों की जांच करने में सक्षम है। इन उपकरणों से पाइपलाइन के भीतर की स्थिति का पता लगाकर यह तय किया जा सकेगा कि किस स्थान पर खुदाई कर मरम्मत की जानी है।