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नियम नौ बजे आने का पर दस बजे भी वाराणसी नगर निगम के अधिकारी  रहे नदारद, कहीं लगा ताला तो कहीं ताला खोल लगा दी सिटकनी

Thu, 24 Dec 2020 12:48 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 24 Dec 2020 12:48 AM IST
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Varanasi Municipal Corporation officials remained absent even after ten o'clock rule
वाराणसी नगर निगम - फोटो : self

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की फरियाद सुनने वाले अफसरों के दफ्तर में बैठने का वक्त सुबह नौ बजे तय किया है। न तो इसमें मौसम बदलने पर छूट का कोई प्रावधान है और न तापमान का, लेकिन जिले में गिरते तापमान के साथ मुख्यमंत्री का यह आदेश धड़ाम हो गया है। शायद नगर निगम के अधिकारियों ने अपना समय खुद ही तय कर लिया है।

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गलन वाले मौसम में सुबह 10:02 बजे नगर निगम में एक को छोड़ बाकी अफसर नहीं दिखे। मंगलवार को सुबह अमर उजाला ने नगर निगम की पड़ताल की तो यही दृश्य सामने था। अधिकारियों में मात्र अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार अपनी कुर्सी पर मिले।
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सुबह 10:28 बजे से आने का सिलसिला शुरू हुआ। अधिकांश कार्यालय और कमरों में ताले लगे थे। जो कार्यालय और कमरे खुले थे उनमें कुर्सियों पर अधिकारी नदारद थे। कुछ कमरों के ताले तो खुले थे लेकिन सिटकनी लगी हुईं थीं। इस संबंध में जवाब देने के लिए कोई जिम्मेदार भी नहीं मिला।
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पार्किंग एरिया में मिली सिर्फ एक गाड़ी
कार्यालय परिसर में जाते समय केवल एक गाड़ी UP62 T 9378 खड़ी थी। सामने महापौर, नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त की नेम प्लेट लगी थी, लेकिन पार्किंग एरिया खाली था। अंदर महापौर मृदुला जायसवाल का कार्यालय खुला था उसमें एक कर्मचारी बैठा था। महापौर का कमरा बंद था। इसी प्रकार नगर आयुक्त गौरांग राठी का कार्यालय खुला था। उसमें भी एक कर्मचारी बैठा था। नगर आयुक्त का कमरा बंद था। अपर नगर आयुक्त देवीदयाल का कमरा खुला था लेकिन कुर्सी खाली थी।

मुख्य अभियंता के कमरे का ताला खुला, लेकिन सिटकनी लगी
जन्म-मृत्यु कार्यालय में एक कर्मचारी बैठे थे, जबकि बाकी कुर्सियां खाली थीं। मुख्य अभियंता एसपी सिंह के कमरे का ताला तो खुला था, लेकिन सिटकनी लगी थी। अधिशासी अभियंता अजय कुमार राम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामसकल यादव और सहायक नगर आयुक्त प्रतिमा सिंह के कमरे खुले थे, लेकिन कुर्सियां खाली थीं।

 

इन अधिकारियों का भी कमरा खुला, लेकिन कुर्सी खाली
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी का कमरा तो खुला था लेकिन कुर्सी पर कोई नहीं था। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके दास, राजस्व अधीक्षक संतोष कुमार और उद्यान अधीक्षक केएस पांडे का कमरा खुला था लेकिन कुर्सी खाली थी। रिकॉर्ड रूम खुला था, लेकिन कुर्सी खाली थी। 
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