वाराणसी लोकसभा चुनाव: प्रशासन-पार्टियों-प्रकृति ने की मेहनत, फिर भी हमारा वाराणसी सेकंड डिवीजन लाया
Varanasi Lok Sabha Election 2024: काशी में प्रशासन से लेकर पार्टियों कड़ी मेहनत की। मतदान के दिन मौसम ने भी मिजाज बदल लिया। बावजूद इसके काशी मतादन प्रतिशत में सेकंड डिवीजन ही हासिल किया।
विस्तार
वाराणसी में जिला प्रशासन ने मतदाताओं को जागरूक किया। हर मतदाता के फोन पर मैसेज आए और ब्रांड एंबेसडर की आवाज में रिकॉर्ड कॉल भी दो से तीन बार हर मतदाता के पास आई। राजनीतिक दलों ने घर-घर पर्चियां पहुंचाईं, मतदान केंद्रों के बारह बैठने और पर्ची देने की व्यवस्था की गई। साथ ही प्रकृति यानी मौसम ने भी दोपहर दो बजे तक साथ दिया। धूप नहीं निकली, इसके बाद भी काशी के मतदाता सेकंड डिवीजन ही पास हो सके।
1951 में हुए पहले आम चुनाव में काशी में 45.19 फीसदी मतदान हुआ था। उसके बाद काशी के मतदाताओं ने लंबी छलांग लगाई और 1957 में 62.67 फीसदी मत हासिल किए। अगले चुनाव 1962 में यह प्रतिशत बढ़कर 63.28 पहुंच गया मगर 1967 में यह घटकर 59.42 हो गया। इसके बाद आज तक काशी के हिस्से सिर्फ इंतजार ही आया और यहां मतदान कभी भी 60 फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाया।
समय के साथ राजनीतिक दल भी इस ओर सक्रिय हुए और चुनाव आयोग ने भी प्रचार-प्रसार पर खर्च बढ़ाया, मगर यह सब नाकाफी तब दिखाई देते हैं। 1989 से 2009 तक वह दौर भी रहा जब काशी में 50 फीसदी भी मतदान नहीं हुआ। 2014 में एक लंबी छलांग लगी मगर वह 2019 में घट गई और 2024 में वोट प्रतिशत और घट कर 56.35 हो गया।
प्रशासन
प्रशासन ने एक महीने पहले से ही मतदाताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाना शुरू कर दिया। घर-घर जाकर लोगों को समझाया। हर मतदाता के फोन पर मैसेज मैन भेजे और ब्रांड एंबेसडर की आवाज में रिकॉर्ड कॉल भी दो से तीन बार हर मतदाता को सुनाई गई। फिर भी प्रतिशत नहीं बढ़ सका।
पार्टी
भाजपा ने मतदान प्रतिशत बढाने की सबसे अधिक तैयारियां की थी। खुद गृहमंत्री अमित शाह ने इसे लेकर दो विशेष बैठकें भी की थी। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बैठकें की व संगठन महामंत्री सुनील बंसल पिछले एक महीने से लगातार इसी की तैयारियों पर प्रवास कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बूथ मैनेजमेंट समझाया था। कांग्रेस और सपा की ओर से भी जागरुकता कार्यक्रम चलाए गए। मगर धरातल पर यह सब कुछ भी नहीं दिखाई दिया।
प्रकृति
मतदान के करीब पांच दिन पहले तापमान 140 साल का रिकॉर्ड तोड़कर 47.8 डिग्री तक पहुंच गया था। लेकिन मतदान के दिन 7 डिग्री गिरकर 40.6 डिग्री तापमान पहुंच गया। इसके बावजूद काशी के मतदाता सांसद चुनने में फर्स्ट डिवीजन नहीं आ सके।
1951 से अब तक हुए चुनाव में मतदान प्रतिशत
| 1951 | 45.19 |
| 1957 | 62.67 |
| 1962 | 63.28 |
| 1967 | 59.42 |
| 1971 | 55.48 |
| 1977 | 55.83 |
| 1980 | 53.66 |
| 1984 | 54.94 |
| 1989 | 42.66 |
| 1991 | 44.79 |
| 1996 | 40.58 |
| 1998 | 47.18 |
| 1999 | 45.02 |
| 2004 | 42.61 |
| 2009 | 42.41 |
| 2014 | 58.35 |
| 2019 | 57.11 |