वाराणसी में लंका और तरना के बीच ट्रैक पर दौड़ सकती है लाइट मेट्रो, वीडीए तैयार कर रहा प्लान
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कांप्रीहिन्सिव मोबिलिटी प्लान को लागू करते हुए वाराणसी में लंका से तरना के बीच लाइट मेट्रो को शासन की हरी झंडी मिल सकती है। बजट में टीयर-2 शहरों के लिए लाइट मेट्रो के प्रावधान के बाद शासन ने वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) से नए सिरे से प्लान मांगा है। पहले चरण में 13 किलोमीटर के रूट का डीपीआर बनेगा और यह पूरी रिपोर्ट शासन की निगरानी में तैयार होगी। इसी सप्ताह शासन की टीम पुराने सर्वे और रिपोर्ट के आधार पर नए प्लान पर कार्य शुरू करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पहले चरण के लाइट मेट्रो प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
विकास प्राधिकरण लाइट मेट्रो के लिए नए सिरे से सर्वे कराएगा। इसमें पहले चरण में तरना से लंका के बीच लाइट मेट्रो के रूट को शामिल किया जाएगा। इसमें एक किलोमीटर से कम दूरी पर स्टेशन और लाइट मेट्रो के हिसाब से यात्रियों की संख्या का सर्वे कराया जाएगा। इससे पहले रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) ने 2041 तक शहर की आबादी को 38 लाख मानकर सुगम यातायात के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का प्रॉजेक्ट बनाया था। मगर, ज्यादा खर्च और संकरी गलियों में ज्यादा तोड़फोड़ की आशंका के चलते इस प्लान को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी लाइट मेट्रो परियोजना में एक हजार से 15 सौ करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। कारण, लाइट मेट्रो में प्रति किलोमीटर 100 से 125 करोड़ खर्च का अनुमान होता है। जबकि पहले मेट्रो परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर खर्च का आंकलन किया गया था।
बजट नीति के आधार पर बनेगी डीपीआर
बजट में किए गए टीयर-2 शहरों के मुताबिक लाइट मेट्रो का डीपीआर तैयार किया जाएगा। दरअसल, वाराणसी के लिए पहली बार वर्ष 2015 में सर्वे किया गया था। मगर, फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट रिटर्न रेशियो के आठ फीसदी कम होने के कारण यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के सुझाव के बाद मेट्रो, लाइट मेट्रो, रोप वे सहित अन्य संभावनाओं पर अलग अलग रिपोर्ट्स बनी। मगर, वे रिपोर्ट्स धरातल पर नहीं उतर पाई।
इन सुझावों पर होगा अमल
- शहर में वाहनों का कितना है घनत्व
- मेट्रो संचालन कितना होगा कारगर
- मेट्रो लाइन के दोनों ओर लास्ट माइल कनेक्टिविटी
- लागत से 50 फीसदी कम किया जाएगा खर्च
- छोटी बोगी व छोटे पिलर का प्लान
एक नजर इस पर भी
- मेट्रो में तीन हजार करोड़ पहले थी लागत
- लाइट मेट्रो में एक हजार करोड़ लागत की उम्मीद
- 13 किलोमीटर होगी लाइट मेट्रो की लाइन
- 04 डिब्बे अधिकतम रहेंगे ट्रेन में
- 02 की बजाए अब एक कॉरिडोर बनेगा
इस संदर्भ में वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने लाइट मेट्रो का डिटेल प्लान बनाने का निर्देश दिया है। इसमें पहले चरण के लिए योजना बनाई जाएगी। शासन की टीम इस प्लान को मॉनिटरिंग के साथ पूरा कराएगी। बजट में प्रावधान के बाद शासन नए सिरे से काम कर रहा है।