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Varanasi: आग की घटनाओं से बचने के लिए कैसे करें स्मोक सेंसर का इस्तेमाल, डीजी ने फायर ड्रिल के दौरान बताया

Sat, 15 Apr 2023 10:34 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 15 Apr 2023 10:34 PM IST
सार

14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक फायर सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को वाराणसी के हरहुआ में स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में फायर ड्रिल का आयोजन किया गया।

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Varanasi: How to use smoke sensor to avoid incidents of arson, DG Fire told
आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए कैसे करें स्मोक सेंसर का इस्तेमाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आग लगने की ज्यादातर घटनाएं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कारण होती हैं। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच करते रहना चाहिए। यह बातें शनिवार को वाराणसी के हरहुआ में आयोजित फायर ड्रिल कार्यक्रम में डीजी फायर सर्विसेज अविनाश चंद्र ने कहीं। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी लापरवाही के चलते आग लगने की घटनाएं होती हैं।

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14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक फायर सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। शनिवार को वाराणसी के हरहुआ स्थित एक स्कूल में फायर ड्रिल का आयोजन किया गया। फायर ड्रिल के दौरान स्कूल में आग लगने पर कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद फायर कर्मियों ने अत्याधुनिक फायर टेंडर का इस्तेमाल करते हुए करीब 10 मिनट में आग को बुझाते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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डीजी फायर सर्विसेज ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अपार्टमेंट, स्कूल, नर्सिंगहोम सहित अन्य भवनों में आग की घटनाओं की त्वरित जानकारी के लिए स्मोक सेंसर का इस्तेमाल करना चाहिए। स्मोक सेंसर का इस्तेमाल करने से आग लगने पर तत्काल अलर्ट मिल जाता है। इससे समय से आग पर काबू पाने में आसानी होती है। स्मोक सेंसर को मोबाइल से जोड़कर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम लोग प्रयास कर रहे हैं कि मकान और अपार्टमेंट व अन्य भवनों को स्मोक सेंसर को जोड़ा जाए।

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आग बुझाने की नौबत न आए, आग लगने ही न दी जाए

Varanasi: How to use smoke sensor to avoid incidents of arson, DG Fire told
वाराणसी के हरहुआ में आयोजित फायर ड्रिल - फोटो : अमर उजाला

गैस सिलिंडर से खाना बनाते समय अक्सर आग लगने की घटनाएं देखी जाती हैं। इन घटनाओं की पड़ताल करने पर पता चलता है कि छोटी सी लापरवाही के चलते आग लगी थी। गैस पाइप और रेगुलेटर पुराना हो जाना ही सबसे बड़ा कारण होता है। ऐसे में इन घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए गैस सिलिंडर में लगी पाइप और रेगुलेटर की जांच करनी चाहिए।

आग लगने पर तत्काल अपनाएं ये उपाय

डीजी फायर सर्विसेज ने कहा कि खेत में या फिर पेट्रोल-डीजल से आग लगने पर डंडे से पीटकर तत्काल उसे बुझाने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा बालू, कंबल, मिट्टी और पानी भी उपयोगी होते हैं। घर में जब शुरुआती समय में आग होती है और उस समय यदि जानकारी हो जाए तो उस पर काबू पाकर काफी हद तक क्षति से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में विवेक शर्मा, प्रभारी उप निदेशक वाराणसी परिक्षेत्र, सीएफओ वाराणसी आनंद सिंह राजपूत, सीएफओ जौनपुर अखिलेश प्रताप सिंह, सीएफओ चंदौली कुमार रमाशंकर तिवारी, एफएसओ भदोही ओम प्रकाश आदि लोगों ने भी बच्चों को आग लगने से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस दौरान बच्चों को महत्वपूर्ण आपातकालीन फोन नंबर को भी नोट कराए गए।

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