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Gyanvapi Case: सर्वे रिपोर्ट का सीलबंद लिफाफा लौटाने कोर्ट पहुंचा हिंदू पक्ष, अदालत ने लौटाया, चार जुलाई को अगली सुनवाई
Tue, 31 May 2022 11:26 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 31 May 2022 11:26 AM IST
सार
आज मंगलवार को जितेंद्र सिंह विसेन ने जिला जज की कोर्ट में आवेदन देकर वीडियोग्राफी व फोटो लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की। वहीं, चार वादी महिलाओं ने सर्वे रिपोर्ट का सीलबंद लिफाफा अदालत में लौटाया, जिसे कोर्ट ने वापस कर दिया और कहा कि 4 जुलाई को आवेदन पर आदेश पारित करेंगे।
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सीलबंद सर्वे रिपोर्ट लौटाने पहुंचीं वादी महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ज्ञानवापी मामले की कमीशन की वीडियोग्राफी लीक मामले में चारों महिला वादिनी कोर्ट पहुंचीं और अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी के जरिये सीलबंद सीडी जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में टेबल पर रख वापस कर दीं और आवेदन देकर रिपोर्ट लीक होने की जांच की मांग कीं।
अदालत ने सीलबंद सीडी वापस कर दिया और कहा कि 4 जुलाई को आवेदन पर आदेश पारित करेंगे। अंजुमन इंतजामिया की तरफ से इस मामले की जांच की मांग की गई। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय की तरफ से कहा गया कि विशेष उपासना स्थल विधेयक 1991 को लेकर पीआईएल सुप्रीम कोर्ट में दाखिल है इस मामले में पक्षकार बनाकर हमें भी सुना जाए।
कहा कि हिंदू पूजा करते हैं अन्य धर्म के लोग प्रार्थना करते हैं जबकि मुस्लिम नमाज अदा करते हैं। पूजा हिंदू करते हैं ऐसे में विशेष उपासना स्थल कानून 1991 श्रृंगार गौरी मामले में लागू नही होता। वहीं लार्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने भी राखी सिंह मामले में पक्षकार बनाते हुए रूल 7 नियम 11 पर पोषणीयता के बिंदु पर सुने जाने का अनुरोध किया।
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जिला जज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वाद की पोषणीयता पर सुनवाई के बाद ही अन्य आवेदनों पर सुनवाई की बात कही और पहले से ही नियत 4 जुलाई को ही सुनवाई की तिथि नियत कर दी। इसके अलावा राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह ने अधिवक्ता शिवम गौंड और अनुपम द्विवेदी के जरिये कमीशन वीडियो लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की। अदालत ने इस पर भी 4 जुलाई को आदेश पारित करने की बात कही।
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अदालत ने सीलबंद सीडी वापस कर दिया और कहा कि 4 जुलाई को आवेदन पर आदेश पारित करेंगे। अंजुमन इंतजामिया की तरफ से इस मामले की जांच की मांग की गई। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय की तरफ से कहा गया कि विशेष उपासना स्थल विधेयक 1991 को लेकर पीआईएल सुप्रीम कोर्ट में दाखिल है इस मामले में पक्षकार बनाकर हमें भी सुना जाए।
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कहा कि हिंदू पूजा करते हैं अन्य धर्म के लोग प्रार्थना करते हैं जबकि मुस्लिम नमाज अदा करते हैं। पूजा हिंदू करते हैं ऐसे में विशेष उपासना स्थल कानून 1991 श्रृंगार गौरी मामले में लागू नही होता। वहीं लार्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने भी राखी सिंह मामले में पक्षकार बनाते हुए रूल 7 नियम 11 पर पोषणीयता के बिंदु पर सुने जाने का अनुरोध किया।
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जिला जज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वाद की पोषणीयता पर सुनवाई के बाद ही अन्य आवेदनों पर सुनवाई की बात कही और पहले से ही नियत 4 जुलाई को ही सुनवाई की तिथि नियत कर दी। इसके अलावा राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह ने अधिवक्ता शिवम गौंड और अनुपम द्विवेदी के जरिये कमीशन वीडियो लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की। अदालत ने इस पर भी 4 जुलाई को आदेश पारित करने की बात कही।