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वाराणसी फ्लाईओवर हादसे में बड़ी कार्रवाई, सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सहित आठ गिरफ्तार

Sun, 29 Jul 2018 03:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 29 Jul 2018 03:42 PM IST
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Varanasi Flyover collapse eight accused arrested by crime branch
बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हुई थी, जल्द ही कुछ और होंगे गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम गिरने के कारण 15 लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने के मामले में ढाई महीने बाद शनिवार को पुलिस ने पहली कार्रवाई की।
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क्राइम ब्रांच ने हादसे के बाद निलंबित किए गए सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर हरिश्चंद्र तिवारी, पूर्व चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर गेंदा लाल, प्रोजेक्ट मैनेजर कुलजश राय सूदन, एई राजेंद्र सिंह, एई यांत्रिक/सुरक्षा राम तपस्या सिंह यादव, जेई लालचंद सिंह व जेई राजेश पाल सिंह और ठेकेदार साहेब हुसैन को पुलिस लाइन उत्तरी गेट के समीप से गिरफ्तार कर लिया।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत ने आठों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इससे पहले आरोपियों ने रिमांड रिफ्यूज करने का अनुरोध किया था लेकिन अदालत ने खारिज कर दिया। रुड़की स्थित सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) की टीम द्वारा जांच कर पुलिस को सौंपी गई तकनीकी बिंदुओं पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार इंजीनियरिंग मानकों की घोर अनदेखी और सुरक्षा उपायों के प्रति लापरवाही बरते जाने के कारण हादसा हुआ था। 
 

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 सेतु निगम ने संभावित खतरे का आकलन कर जरूरी तैयारी नहीं की थी और ऊपर से नीचे तक के अभियंता अकुशल मजदूरों के सहारे काम छोड़ कर एयरकंडीशन में आराम फरमाते रहे। सामूहिक विभागीय लापरवाही के कारण 15 लोगों की राह चलते अचानक मौत हुई।

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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि सीबीआरआई की रिपोर्ट का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान, सेतु निगम के दस्तावेजों और उनके अधिकारियों, कर्मचारियों व मजदूरों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। विवेचना अभी प्रचलन में है, सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
 

अभी और गवाहों के दर्ज होंगे बयान, जारी रहेगी कार्रवाई

Varanasi Flyover collapse eight accused arrested by crime branch
बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हुई थी, जल्द ही कुछ और होंगे गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

क्राइम ब्रांच के अनुसार अभी इस मामले की विवेचना जारी है। इसलिए अभी और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। अब तक की कार्रवाई के दौरान 45 से ज्यादा लोगों का बयान दर्जन किया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य को गिरफ्तार भी किया जाएगा।

इसके बाद जाकर अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने सेतु निगम के अधिकारियों से दो सौ से ज्यादा पन्ने का दस्तावेेज कब्जे में लिया था और अधिकारियों व कर्मचारियों के शहर से बाहर जाने पर पाबंदी लगा रखी थी।


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कैंट रेलवे स्टेशन-लहरतारा मार्ग पर 15 मई की शाम पांच बजे के लगभग रेलवे की एईएन कॉलोनी के सामने निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पिलर नंबर 79 और 80 के बीच बीम जी 4 और जी 5 अचानक सड़क पर गिर गई थीं। जी 5 बीम के नीचे दब कर वाहन सवार 15 लोगों की मौत हो गई और 11 लोग घायल हुए थे। 

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हादसे के संबंध में 16 मई को सिगरा थाने में कैंट रोडवेज चौकी प्रभारी घनानंद त्रिपाठी की तहरीर पर चौकाघाट फ्लाईओवर से संबंधित सेतु निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना की तफ्तीश सिगरा थाने से क्राइम ब्रांच को सौंप गई। इसके साथ ही पुलिस ने सीबीआरआई से जांच कर हादसे की वजह और खामियों की तकनीकी रिपोर्ट देने को कहा। 

फ्लाईओवर निर्माण कार्य का इस्टीमेट बदला

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चौकाघाट फ्लाईओवर का इस्टीमेट बदलेगा। काम को मार्च 2018 तक खत्म करने के लिए इसमें कुछ बदलाव किया गया है। कुछ कंक्रीट तो कुछ लोहे के बीम लगाए जाएंगे। साथ ही इसकी लागत भी बढ़ गई है। पूर्व में प्रोजेक्ट 76 करोड़ का था। जो अब बढ़कर 130 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। साथ ही इसमें बीम ढलाई और रखने का काम तेज किया गया है ताकि समय से काम खत्म कराया जा सके। 

सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक संदीप गुप्ता ने बताया कि पूर्व में जो डिजाइन बनी थी उस हिसाब से काम कराया जाता तो यह योजना 2019 दिसंबर तक पूरी होती। इस काम को जल्द समाप्त करने के लिए इसमें मेटल के इस्तेमाल को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।

इससे कुछ लोहे की बीम इन पर रखी जाएंगी। इससे कंक्रीट की ढलाई का काम कम हो जाएगा। कंक्रीट से बनने वाले बीम की स्क्रैप लागत जीरो होती है जबकि लोहे से बनने वाली बीम की स्क्रैप मूल्य ज्यादा होता है। लोहे की बीम लगने से इसकी मजबूती और बढ़ जाएगी।

जिस रफ्तार से काम चल रहा है। उस हिसाब से मार्च तक काम खत्म हो जाएगा। अप्रैल से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके चालू होने से कैंट पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिल जाएगी।  
 
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