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मतदान करने में वाराणसी फर्स्ट डिवीजन, बनाया नया रिकॉर्ड
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 08 Mar 2017 10:31 PM IST
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पहले विधानसभा चुनाव से अब तक की यह सर्वाधिक वोटिंग
- फोटो : अमर उजाला
उम्मीदों के अनुरूप काशी ने मतदान की रेस में अब तक की वोटिंग के अपने आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए बुधवार को नया कीर्तिमान रच दिया। जिले की आठों विधानसभा सीटों पर सुबह सात से शाम पांच बजे तक हुए मतदान में 63.71 फीसदी वोट डाले गए।
जो विधानसभा चुनावों के इतिहास में जिले का अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। यह पहला मौका है, जब काशी मतदान की रेस फर्स्ट डिवीजन आई है। इससे पहले 2012 के विधानसभा चुनाव में 57.25 फीसदी मतदान हुआ था।
जबकि, 2014 के लोकसभा चुनाव में 58 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। इस बार सर्वाधिक वोटिंग अजगरा विधानसभा क्षेत्र में हुई। यहां रिकॉर्डतोड़ 68.16 प्रतिशत मतदान हुआ। शिवपुर विधानसभा क्षेत्रों में जमकर वोट बरसे।
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यहां 67.78 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान कैंट विधानसभा क्षेत्र में हुआ। यहां 58.29 फीसदी वोट पड़े।
विधानसभा मतदान
अजगरा 68.16
शिवपुर 67.78
दक्षिणी 65.22
पिंडरा 61.46
कैंट 58.29
रोहनिया 62.09
सेवापुरी 65.39
उत्तरी 61.21
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जो विधानसभा चुनावों के इतिहास में जिले का अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। यह पहला मौका है, जब काशी मतदान की रेस फर्स्ट डिवीजन आई है। इससे पहले 2012 के विधानसभा चुनाव में 57.25 फीसदी मतदान हुआ था।
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जबकि, 2014 के लोकसभा चुनाव में 58 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। इस बार सर्वाधिक वोटिंग अजगरा विधानसभा क्षेत्र में हुई। यहां रिकॉर्डतोड़ 68.16 प्रतिशत मतदान हुआ। शिवपुर विधानसभा क्षेत्रों में जमकर वोट बरसे।
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यहां 67.78 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान कैंट विधानसभा क्षेत्र में हुआ। यहां 58.29 फीसदी वोट पड़े।
विधानसभा मतदान
अजगरा 68.16
शिवपुर 67.78
दक्षिणी 65.22
पिंडरा 61.46
कैंट 58.29
रोहनिया 62.09
सेवापुरी 65.39
उत्तरी 61.21
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वोटिंग के बाद सेल्फी लेती युवतियां
हर विधानसभा क्षेत्र में लोकतंत्र के उत्सव का रंग छाया नजर आया। कहीं सुबह से शाम तक लाइन लगी रही हो तो कहीं दोपहर बाद अचानक कतार बढ़नी शुरू हुई। जिन मतदान कें द्रों पर एक या दो बूथ बनाए गए थे, वहां भीड़ ज्यादा थी।
मतदान केंद्रों पर सुबह वोटिंग की रफ्तार धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, मतदान का प्रतिशत बढ़ता चला गया। दिन में 11 से एक बजे के बीच सर्वाधिक वोटर निकले। जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में एक मात्र कैंट विधानसभा क्षेत्र ही ऐसा रहा जो फर्स्ट डिवीजन आने से चूक गया।
इसके अलावा अन्य सभी सात विधानसभाओं में 60 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ। 2012 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ शिवपुर, सेवापुरी, रोहनिया और अजगरा विधानसभा क्षेत्र का मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत से ज्यादा था।
इस बार दक्षिणी, उत्तरी और पिंडरा ने भी दम दिखाया। कैंट में भी दिन चढ़ने के साथ जब मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़नी शुरू हुई तो अनुमान यही था कि यहां भी आंकड़ा साठ फीसदी को पार करेगा लेकिन आखिरी के घंटों में कतार कम होती दिखी।
मतदान केंद्रों पर सुबह वोटिंग की रफ्तार धीमी रही लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, मतदान का प्रतिशत बढ़ता चला गया। दिन में 11 से एक बजे के बीच सर्वाधिक वोटर निकले। जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में एक मात्र कैंट विधानसभा क्षेत्र ही ऐसा रहा जो फर्स्ट डिवीजन आने से चूक गया।
इसके अलावा अन्य सभी सात विधानसभाओं में 60 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ। 2012 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ शिवपुर, सेवापुरी, रोहनिया और अजगरा विधानसभा क्षेत्र का मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत से ज्यादा था।
इस बार दक्षिणी, उत्तरी और पिंडरा ने भी दम दिखाया। कैंट में भी दिन चढ़ने के साथ जब मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़नी शुरू हुई तो अनुमान यही था कि यहां भी आंकड़ा साठ फीसदी को पार करेगा लेकिन आखिरी के घंटों में कतार कम होती दिखी।