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काशी की बेटी को मिला अर्जुन अवार्ड, UP से पहली महिला बास्केटबॉल प्लेयर को यह सम्मान
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Wed, 30 Aug 2017 10:44 AM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में दिया सम्मान
- फोटो : twitter
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कॉमनवेल्थ और दो एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं बास्केटबाल खिलाड़ी प्रशांति सिंह को खेल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति के हाथों अर्जुन पुरस्कार मिला। काशी की बेटी प्रशांति यूपी की पहली महिला खिलाड़ी है जिसे यह सम्मान मिला है।
खेल दिवस यानी मेजर ध्यान चंद के जन्मदिन पर देश की खेल प्रतिभाओं राष्ट्रपति भवन में खेल पुरस्कार दिए गए। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित विभिन्न खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में 17 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से भी नवाजा गया। अर्जुन अवार्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये का नगद पुरस्कार तथा प्रशस्तिपत्र दिया गया।
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प्रशांति को अर्जुन अवार्ड के मिलने की जानकारी मिलते ही काशी में खुशी की लहर है। बिटिया की कामयाबी का जश्न मनाने के साथ ही बधाइयों की जो शुरुआत हुई, वह अभी तक जारी है। प्रशांति और उनकी बहनें खेल जगत में सिंह सिस्टर्स के नाम से मशहूर हैं।
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खेल दिवस यानी मेजर ध्यान चंद के जन्मदिन पर देश की खेल प्रतिभाओं राष्ट्रपति भवन में खेल पुरस्कार दिए गए। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित विभिन्न खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया।
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राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में 17 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से भी नवाजा गया। अर्जुन अवार्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये का नगद पुरस्कार तथा प्रशस्तिपत्र दिया गया।
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प्रशांति को अर्जुन अवार्ड के मिलने की जानकारी मिलते ही काशी में खुशी की लहर है। बिटिया की कामयाबी का जश्न मनाने के साथ ही बधाइयों की जो शुरुआत हुई, वह अभी तक जारी है। प्रशांति और उनकी बहनें खेल जगत में सिंह सिस्टर्स के नाम से मशहूर हैं।
छोटे शहरों की बेटी के लिए प्रशांति बनी मिशाल
राष्ट्रपति भवन में सभी खिलाड़ी
- फोटो : twitter
प्रशांति सिंह एकमात्र भारतीय महिला बास्केटबॉल खिलाड़ी है जिन्होंने दो एशियन गेम्स, एक कॉमनवेल्थ गेम्स और सात एशियन चैम्पियनशिप में भारत की तरफ से हिस्सा लिया है। 2009 एशियन गेम्स में रजत पदक तथा साउथ एशियन बीच गेम्स स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
वाराणसी जैसे छोटे शहर जहां खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए आज भी आधुनिक खेल अकादमी नहीं है,वहां से निकल कर 15 वर्षों तक अन्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ 22 मेडल राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अर्जित किए।
प्रशांति ने देश में छोटे शहरों से आने वाली महिला प्रतिभा को प्रेरित करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रशांति सिंह भारत की तीसरी महिला अर्जुन बास्केटबॉल खिलाड़ी एवं उत्तर प्रदेश और दिल्ली की प्रथम बास्केटबॉल खिलाड़ी है जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला।
भारतीय बास्केटबॉल एवं भारतीय खेलो में वाराणसी के एक ही परिवार की चार सगी बहनों का लगभग 25 वर्षों का योगदान है।
वाराणसी जैसे छोटे शहर जहां खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए आज भी आधुनिक खेल अकादमी नहीं है,वहां से निकल कर 15 वर्षों तक अन्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ 22 मेडल राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अर्जित किए।
प्रशांति ने देश में छोटे शहरों से आने वाली महिला प्रतिभा को प्रेरित करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रशांति सिंह भारत की तीसरी महिला अर्जुन बास्केटबॉल खिलाड़ी एवं उत्तर प्रदेश और दिल्ली की प्रथम बास्केटबॉल खिलाड़ी है जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला।
भारतीय बास्केटबॉल एवं भारतीय खेलो में वाराणसी के एक ही परिवार की चार सगी बहनों का लगभग 25 वर्षों का योगदान है।