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वाराणसी: पुलिस आख्या से अदालत असहमत, चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश; जानें मामला

Thu, 03 Sep 2026 06:06 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 03 Sep 2026 06:06 PM IST
सार

चोलापुर पुलिस की आख्या में विरोधाभास मिलने पर विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) की अदालत ने मुर्दहा चौकी प्रभारी संध्या जायसवाल समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत ने स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष विवेचना कराने और 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा। मामले में अधिवक्ता दीपक कुमार गोंड और विनोद पटेल ने पैरवी की।

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Varanasi Court disagrees with police report orders FIR against outpost in-charge and other police personnel
चोलापुर थाना क्षेत्र का मामला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रभावी पैरवी और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजी व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट), वाराणसी की अदालत ने चोलापुर थाना क्षेत्र के मुर्दहा पुलिस चौकी प्रभारी संध्या जायसवाल समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना का आदेश दिया है। अदालत ने चोलापुर पुलिस की आख्या से असहमति जताते हुए मामले की जांच किसी स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी से कराने का निर्देश दिया है। विवेचना की आख्या 15 दिन के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है।

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मामला सुशीला देवी बनाम उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल व अन्य से संबंधित दांडिक प्रकीर्ण वाद संख्या 454/2026 का है। प्रार्थिनी की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार गोंड और विनोद पटेल ने अदालत में पुलिस कार्रवाई, जनरल डायरी की प्रविष्टियों, आवाज की रिकॉर्डिंग व उसके लिप्यंतरण, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पक्ष रखा।
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पैरवी के दौरान अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष यह बिंदु रखा कि संज्ञेय अपराध से संबंधित सूचना मिलने और प्रारंभिक जांच के दौरान की गई कार्रवाई का विधिवत उल्लेख पुलिस की जनरल डायरी अथवा स्टेशन डायरी में होना आवश्यक है। अदालत ने भी अपने आदेश में पुलिस रिकॉर्ड में सूचना और प्रारंभिक जांच से जुड़ी कार्रवाई दर्ज किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। आदेश में ललिता कुमारी मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है।

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Varanasi Court disagrees with police report orders FIR against outpost in-charge and other police personnel
अधिवक्ता दीपक कुमार गोंड और विनोद पटेल। - फोटो : संवाद

पुलिस की आख्या में विरोधाभास
अदालत ने पत्रावली और उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद चोलापुर थाने की पुलिस आख्या को विरोधाभासी पाया। आदेश में उल्लेख किया गया कि एक ओर रात में रोहित कुमार को पुलिस द्वारा ले जाने का तथ्य सामने आया, जबकि दूसरी ओर उसकी सुपुर्दगी से संबंधित दस्तावेज अथवा आवश्यक प्रविष्टि रिकॉर्ड में प्रस्तुत नहीं की गई।

इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने थाना प्रभारी चोलापुर को सुशीला देवी की तहरीर के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही थाना प्रभारी को स्वयं विवेचना से अलग रखते हुए किसी अन्य स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने को कहा। जांच की रिपोर्ट 15 दिन में न्यायालय में दाखिल करनी होगी।

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