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निकाय चुनाव के दौरान ही वाराणसी कांग्रेस संगठन में हो गया बड़ा बदलाव
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:24 PM IST
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नगर निकाय चुनाव में संगठनात्मक बदलाव करते हुए कांग्रेस ने गुरुवार की शाम मणींद्र मिश्र को कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। वह अभी तक महानगर कमेटी में उपाध्यक्ष के पद पर तैनात थे। प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने निकाय चुनाव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी है।
कहा जा रहा है कि महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी को पार्षद पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद संगठनात्मक क्रियाशीलता बनाए रखने के लिए पार्टी ने यह कदम उठाया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद की सहमति के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने मणींद्र नाथ मिश्र को कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी।
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महानगर अध्यक्ष पद पर सीताराम केशरी बने रहेंगे। निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर उपजे विवाद के बाद संगठन में उठा पटक शुरू हो गई थी। महानगर अध्यक्ष खुद पार्षद पर के लिए चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान संगठन का काम शहर में प्रबावित होने की शिकायतें की जा रही थीं।
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कहा जा रहा है कि महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी को पार्षद पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद संगठनात्मक क्रियाशीलता बनाए रखने के लिए पार्टी ने यह कदम उठाया है।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद की सहमति के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने मणींद्र नाथ मिश्र को कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी।
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महानगर अध्यक्ष पद पर सीताराम केशरी बने रहेंगे। निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर उपजे विवाद के बाद संगठन में उठा पटक शुरू हो गई थी। महानगर अध्यक्ष खुद पार्षद पर के लिए चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान संगठन का काम शहर में प्रबावित होने की शिकायतें की जा रही थीं।
चर्चाओं का बाजार गर्म
मणींद्र मिश्र
- फोटो : अमर उजाला
पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनाव के बाद महानगर अध्यक्ष केशरी को जिम्मेदारी से मुक्त भी किया जा सकता है। महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी को प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र की नजदीकी बताया जा रहा है।
नाम न छापने के आग्रह पर कुछ नेताओं का कहना था कि सीताराम केशरी महानगर अध्यक्ष होने के साथ ही पार्षद पद के प्रत्याशी हैं, ऐसे में वे ठीक से न तो संगठन का काम देख पा रहे थे और न ही अपना चुनाव।
ऐसे में दिक्कतें हो रही थी। इसके चलते पार्टी को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त करना पड़ा। इस संगठनात्मक बदलाव का असर जिला कमेटी पर भी पड़ने के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में जिले के संगठन में भी पार्टी इस तरह के दायित्व देने पर विचार कर सकती है।
नाम न छापने के आग्रह पर कुछ नेताओं का कहना था कि सीताराम केशरी महानगर अध्यक्ष होने के साथ ही पार्षद पद के प्रत्याशी हैं, ऐसे में वे ठीक से न तो संगठन का काम देख पा रहे थे और न ही अपना चुनाव।
ऐसे में दिक्कतें हो रही थी। इसके चलते पार्टी को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त करना पड़ा। इस संगठनात्मक बदलाव का असर जिला कमेटी पर भी पड़ने के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में जिले के संगठन में भी पार्टी इस तरह के दायित्व देने पर विचार कर सकती है।