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वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस के एक साल पूरे: कई बड़ी घटनाएं प्रदेश स्तर पर बनीं सुर्खियां, ट्रैफिक जाम का नहीं निकला हल

Sun, 27 Mar 2022 04:45 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 27 Mar 2022 04:45 PM IST
सार

वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस का एक साल पूरा हो गया। एक साल में कई बड़ी घटनाओं का कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया, वहीं कुछ घटनाओं में पुलिस खाली हाथ रही।  कुछ घटनाएं प्रदेश में सुर्खियों में रहीं। 

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Varanasi Commissionerate Police completes one year  Many big incidents made headlines  no solution to traffic jams
वाराणसी पुलिस - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस का एक साल पूरा हो गया। एक साल में कई बड़ी घटनाओं का कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया, वहीं कुछ घटनाओं में पुलिस खाली हाथ रही।  कुछ घटनाएं प्रदेश में सुर्खियों में रहीं। जैसे नीट सॉल्वर गिरोह का खुलासा, छावनी निवासी एनटीपीसी के रिटायर्ड अफसर मार्तंड शाही की हत्या, शाइन सिटी धोखाधड़ी प्रकरण, धोखाधड़ी में नीलगिरी इंफ्रासिटी के निदेशक सहित छह की गिरफ्तारी ने कमिश्नरेट पुलिस की मौजूदगी का एहसास कराया।

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वहीं शहर में ट्रैफिक जाम और साइबर ठगी, लूट, टप्पेबाजी की जैसी चुनौतियां भी कमिश्नरेट पुलिस के लिए सामने रही।  पुलिस ने अतुल राय प्रकरण में बर्खास्त डीएसपी अमरेश सिंह बघेल को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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लापरवाही और अनुशासनहीनता पर एक इंस्पेक्टर सहित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। हालांकि ट्रैफिक जाम की समस्या अब भी बरकरार है। वहीं, लंका और भेलूपुर में हुक्का बार और स्पा सेंटरों की आड़ में अनैतिक कृत्य जैसे कार्यों पर अब तक लगाम नहीं लग सका है। 

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कमिश्नरेट में न लुटेरे मिले और न ही रकम

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पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश - फोटो : अमर उजाला

10 दिसंबर 2021 को लंका थाना के साकेतनगर कॉलोनी में स्कूल कर्मचारी से दिनदहाड़े डेढ़ लाख लूट मामले में पुलिस लुटेरों का अब तक पहचान तक नहीं कर सकी। वहीं कबीरचौरा में किराना कारोबारी से हुई आठ लाख लूट मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। दो फरवरी 2021 लंका के ही सामनेघाट पुल स्थित बोरे में मिली युवती के शव मामले में साल भर बाद भी पुलिस उसकी शिनाख्त नहीं कर सकी।  

सॉल्वर गैंग के डॉक्टर समेत तीन की जमानत अर्जी खारिज

सत्र न्यायाधीश डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने नीट पेपर प्रकरण में सॉॅल्वर गिरोह के डॉ. अफरोज अहमद, धनजंय चौहान और प्रमोद यादव की जमानत अर्जी शनिवार को खारिज कर दी। जमानत अर्जी का विरोध डीजीसी आलोक चन्द्र शुक्ल ने की।

सारनाथ थाने में बीएचयू की छात्रा जुली कुमारी को दूसरे के स्थान पर नीट परीक्षा देते गिरफ्तार कर सॉल्वर गैंग के गिरोह का खुलासा किया था। इस मामले में दस्तावेज आदि बरामद किया गया था और डाक्टर को बीते 15 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अन्य दो आरोपी भी गैंग के सदस्य थे।

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