वाराणसी: कमिश्नर ने तलब की गंगा खनन की रिपोर्ट, विभाग से मांगी गई सभी पत्रावलियां, मची खलबली
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गंगा में बालू खनन की रिपोर्ट कमिश्नर ने तलब की है। अवैध बालू खनन के मामले की अब नए सिरे से जांच होगी। मंडलायुक्त ने खनन विभाग से खनन से जुड़ी सभी पत्रावलियां मंगा ली हैं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। मंडलायुक्त की इस कार्रवाई के बाद से महकमे के साथ ही अवैध बालू खनन करने वालों में भी खलबली मची हुई है।
गंगा के घाटों पर दबाव कम करने के दावे के साथ खोदी गई नहर और उसके नाम पर खनिज उठान के टेंडर में खूब मनमाने तरीके से काम हुआ है। गंगा पार रेती से बालू उठान के लिए पांच फर्मों की समयावधि दिसंबर में पूरी हो गई थी और एक फर्म की 27 जनवरी 2022 को पूरी हुई है। इस वक्त एक ही फर्म के पास लॉट उठाने की अनुमति है।
बावजूद इसके जेसीबी और वाहनों की मदद से अलग-अलग क्षेत्रों में गुपचुप तरीके से अवैध खनन चल रहा था। करीब सात किलोमीटर लंबी नहर से निकले बालू के सात अलग-अलग लॉट दिखाकर टेंडर किया, बाढ़ में लॉट बह गए तो खनन विभाग ने गंगा पार रेती पर बिना किसी औपचारिकता किए खनन की अनुमति दे दी।
इसके बाद तो फर्मों ने लाट की जगह खोदाई कर गंगा की तलहटी से बालू निकालना शुरू कर दिया था। अलग-अलग घनमीटर के बालू उठान वाली फर्मों ने कई फीट गहरी खोदाई कर दी। अवैध खनन में बिना रायल्टी के पट्टाधारकों ने मनमाने तरीके से गंगा किनारे दस-दस फीट से अधिक गहरे गड्ढे बना दिए हैं।
दिन रात चले इस अवैध खनन में किसी भी विभाग और अधिकारी ने निगरानी करने की जहमत तक नहीं उठाई। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि खनन विभाग से समस्त पत्रावलियां तलब कर ली गई हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
खनन अधिकारी पहुंचे तो मौके से निकल गए लोग
रामनगर के कोदोपुर स्थित गंगा बालू उठान वाले स्थल पर अवैध खनन की शिकायत पर जांच करने अधिकारियों के पहुंचने की खबर मिलते ही खनन करने वाले लोग यहां से भाग निकले। जिला खनन अधिकारी परिजात त्रिपाठी पुलिस के साथ यहां पहुंचे थे। मौके पर जेसीबी, ट्रैक्टर के अलावा कोई मजदूर नहीं मिला। घाटों पर खनन की शिकायत लंबे समय से मिलने के बाद ही अधिकारी अब सक्रिय हो गए हैं।