वाराणसी: धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बोले चिराग- भगवान के नाम पर बांटने की बात का समर्थन नहीं
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने वाराणसी में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर भी विभाजन की बात का वह समर्थन नहीं करते। धीरेंद्र शास्त्री भगवान राम और कृष्ण की तुलना वाले बयान पर पहले ही माफी मांग चुके हैं।
विस्तार
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांटने के विचार का कभी समर्थन नहीं करते। भगवान के नाम पर भी समाज को बांटने की बात की जा रही है, जिसका वह बिल्कुल समर्थन नहीं करते।
#WATCH वाराणसी(उत्तर प्रदेश): केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर कहा, "मैं जाति, धर्म किसी आधार पर लोगों को बांटने की सोच का समर्थन कभी नहीं करता। यहां पर हमारे भगवान के नाम पर बांटने की बात की गई है। कतई इसका समर्थन नहीं करता।" https://t.co/mqQqD12AYm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 5, 2026
चिराग पासवान ने कहा, ''मैं जाति या धर्म के आधार पर लोगों को बांटने के विचार का कभी समर्थन नहीं करता। यहां भगवान के नाम पर बंटवारे की बात की जा रही है। मैं इसका बिल्कुल समर्थन नहीं करता।''
उनकी यह टिप्पणी धीरेंद्र शास्त्री के भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर उठे विवाद के बीच आई है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में रामकथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि भगवान राम सीधे खड़े होते हैं, जबकि श्रीकृष्ण की मुद्रा तीन जगह से मुड़ी हुई होती है। उन्होंने श्रीकृष्ण की बांसुरी और अयोध्या-वृंदावन का भी उल्लेख करते हुए दोनों की तुलना की थी।
इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मथुरा और वृंदावन के कई संतों और कृष्ण भक्तों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण दोनों समान रूप से पूजनीय हैं। इस तरह की तुलना से भक्तों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनका किसी भी भगवान का अपमान करने या श्रीराम और श्रीकृष्ण में भेद करने का इरादा नहीं था। उनकी टिप्पणी ब्रज की भक्ति परंपरा और प्रेमपूर्ण अभिव्यक्ति के संदर्भ में थी। उन्होंने किसी की धार्मिक भावनाएं आहत होने पर माफी भी मांगी थी।