वाराणसी: सोते समय सांड ने वृद्ध को पटका फिर दीवार में दबाया, घर में 10 मिनट तक अफरातफरी; आक्रोश
जिले के रोहनिया क्षेत्र के बैरवन गांव में छुट्टा सांड के हमले में 65 वर्षीय शारदा पाल की मौत हो गई। वह घर के बाहर सो रहे थे। जान बचाने के लिए घर में भागे तो सांड ने पीछा कर गलियारे में दीवार से दबा दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, सांड पहले भी कई लोगों को घायल कर चुका है।
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रोहनिया थाना क्षेत्र के बैरवन स्थित पाल बस्ती में शनिवार की रात छुट्टा सांड के हमले में 65 वर्षीय वृद्ध शारदा पाल की मौत हो गई। वह अपने घर के बाहर सो रहे थे। इसी दौरान सांड ने उन पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह घर के अंदर भागे, लेकिन सांड ने पीछा नहीं छोड़ा और गलियारे में उन्हें दीवार से दबा दिया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों में भी आक्रोश है।
परिजनों के अनुसार, शारदा पाल रात में अपने घर के दरवाजे पर सो रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे छुट्टा सांड ने अचानक उन पर हमला कर दिया। सांड के हमले से बचने के लिए शारदा उठकर घर के अंदर भागे। हालांकि, सांड उनका पीछा करते हुए घर के गलियारे में घुस गया। वहां उसने शारदा को दीवार में दबा दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और शोर मचाते हुए सांड को मारपीट कर भगाया, लेकिन तब तक शारदा की मौत हो चुकी थी।
पहले भी हमला कर चुका है सांड
घटना की जानकारी मिलने पर रोहनिया पुलिस को सूचना दी गई। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि हमला करने वाला छुट्टा सांड पहले भी कई लोगों को घायल कर चुका है। बीते कुछ दिनों में वह शारदा पाल पर तीन बार हमला कर चुका था। इसके अलावा गांव के ही गणेशु पाल पर भी दो बार हमला कर उन्हें घायल कर चुका है। इसके बावजूद सांड को पकड़ने या उससे लोगों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए।
लगातार हमलों के बावजूद सांड के खुलेआम घूमने से ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि छुट्टा पशुओं के हमलों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने ऐसे पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।