वाराणसी: बिस्मिल्लाह खान के पुश्तैनी मकान का ध्वस्तीकरण परिवार करा रहा, वीडीए ने स्पष्ट की स्थिति
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के चौक स्थित पुश्तैनी मकान का परिवार नवीनीकरण करा रहा है। पुराने भवन को हटाकर दोबारा निर्माण होगा। परिवार ने यहां म्यूजियम स्थापित कराने की बात कही है।
विस्तार
वाराणसी में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पुश्तैनी मकान को तोड़े जाने को लेकर उठे सवालों के बीच एक अहम जानकारी सामने आई है। परिवार इस मकान का नवीनीकरण करा रहा है। पुराने और जर्जर भवन को हटाकर दोबारा निर्माण कराया जाएगा। खास बात यह है कि परिवार ने पुनर्निर्माण के बाद इसी स्थान पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का म्यूजियम स्थापित कराने की बात कही है। इससे शहनाई के जादूगर की विरासत और उनकी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की उम्मीद जगी है।
सोशल मीडिया पर उठे थे सवाल
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पुश्तैनी मकान के ध्वस्तीकरण की तस्वीरें और खबरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस पर लोगों ने उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने की मांग उठाई थी। इसके बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने मामले की जांच कराई।
500 वर्गफीट में बना था पुराना मकान
वीडीए के सचिव वेद प्रकाश मिश्रा के मुताबिक, जांच में पता चला कि मकान संख्या सीके 46/63, भीखाशाह गली, सराय हड़हा, चौक में स्थित है। करीब 500 वर्गफीट क्षेत्रफल में बने इस भवन में भूतल के अलावा एक और मंजिल थी। मकान काफी पुराना और जर्जर हो चुका था।
यह मकान उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पौत्र और स्वर्गीय महताब हुसैन के पुत्र मो. सिब्तैन का है। परिवार के सदस्य मकान का नवीनीकरण करा रहे हैं। इसी के तहत पुराने भवन के ढांचे को हटाया जा रहा है, ताकि वहां नए सिरे से निर्माण कराया जा सके।
पुनर्निर्माण के बाद बनेगा म्यूजियम
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात परिवार की ओर से म्यूजियम स्थापित कराने की जानकारी है। परिवार ने पुराने मकान के पुनर्निर्माण के बाद उसी स्थान पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का म्यूजियम बनवाने की बात कही है। इससे आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन, संगीत और शहनाई के योगदान से परिचित कराने का अवसर मिल सकता है।
वीडीए और जिला प्रशासन की भूमिका नहीं
वीडीए सचिव वेद प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मकान का ध्वस्तीकरण परिवार के सदस्य स्वयं करा रहे हैं। इस कार्रवाई में न तो वाराणसी विकास प्राधिकरण की कोई भूमिका है और न ही जिला प्रशासन की कोई सहभागिता या सरोकार है।