वाराणसी: दशोपनिषद पर तैयार पहला डिजिटल एल्बम इंडियन बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज
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बीएचयू वैदिक विज्ञान केंद्र में सर्टिफिकेट कोर्स की छात्रा नेहा सिंह ने दशोपनिषद पर पहला डिजिटल एल्बम तैयार किया है। इसे इंडियन बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज भी किया गया है। सोमवार को वैदिक विज्ञान केंद्र पर आयोजित समारोह में नेहा सिंह को वैदिक विज्ञान केंद्र के समन्वयक प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी, डॉ. सुनील मिश्र, पवन कुमार मिश्र ने सम्मानित करते हुए इसे केंद्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
केंद्र पर आयोजित समारोह में कार्यक्रम समन्वयक प्रो. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इसी वर्ष 19 फरवरी को बीएचयू वैदिक विज्ञान केंद्र द्वारा इसका विमोचन भी किया गया था और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉक्टर जीवीएनआर एसएसवर प्रसाद ने नेहा सिंह के हाथों से बने चित्र कलाओं से युक्त दशोपनिषद के डिजिटल एल्बम को इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की संस्तुति दी थी। उसके बाद कई विद्वानों ने भी इस एल्बम को सराहा था। प्रो. उपेंद्र ने बताया कि एल्बम में हर एक उपनिषद का संक्षिप्त विवरण भी हिंदी और अंग्रेजी में दिया है।
दो और रिकार्ड बना चुकी हैं नेहा
काशी विद्यापीठ से ललित कला में स्नातकोत्तर करने के बाद वैदिक साहित्य में रुचि के कारण ही नेहा वेद और उपनिषद और भगवद् गीता पर लगातार काम कर रहीं हैं। इससे पहले भी 16 लाख मोतियों से भारत का नक्शा बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया और 449 फीट कपड़े पर 38417 डॉट डॉट कर उंगलियों के निशान से हनुमान चालीसा लिखने का रिकॉर्ड भी नेहा के नाम दर्ज है। नेहा ने बताया कि दशोपनिषद 6 महीने में कई बार पढ़ने के साथ ही व्रत उपवास के साथ-साथ एक-एक उपनिषद पर चित्र बनाना भी प्रारंभ किया। करीब 4 महीने में पूरा भी कर लिया। 20 पन्नों और 12 गुणा 18 इंच के डिजिटल एल्बम में 10 उपनिषदों का एक पेंटिंग है। साथ में उसके बारे में संक्षिप्त लेख भी लोगों को पढ़ने को मिलेगा। इसके आखिरी पेज में वेदों में वर्णित महा वाक्यों पर भी एक पेंटिंग बनाई गई है।