देश का सर्वाधिक प्रदूषित शहर बना बनारस, सभी इलाकों में एक्यूआई चार सौ के पार
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ठंड के साथ ही शहर के प्रमुख इलाकों में प्रदूषण का स्तर तेजी के साथ बढ़ा है। हवा में प्रदूषक तत्वों की मात्रा का आलम यह है कि देर शाम को बनारस देश का सर्वाधिक प्रदूषित शहर बन गया। दूसरे नंबर पर जौनपुर रहा। शहर के प्रमुख इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स चार सौ के पार दर्ज किया गया।
शनिवार को आईक्यूएयर की ओर से रात 9 बजे जारी रियल टाइम रैंकिंग में वाराणसी पहले नंबर पर रहा। वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 431, जौनपुर का 412 और मडियाहूं का 378 रहा। शहर की बात करें तो आईक्यूएयर के आंकड़ों के अनुसार लंका का एयर क्वालिटी इंडेक्स 431 और नाटी इमली रोड का 372 रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अर्दली बाजार क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स 219 था। पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 356, ओजोन की अधिकतम मात्रा 179 और नाइट्रोजन आक्साइड की अधिकतम मात्रा 134 रही।
सबसे प्रदूषित इलाका रहा बौलिया, बीएचयू और सारनाथ भी प्रदूषित
वाराणसी शहर की वायु गुणवत्ता की हालत बेहद खराब है। शनिवार को शहर के 15 प्रमुख स्टेशनों की रिपोर्ट के अनुसार बौलिया का इलाका सबसे अधिक प्रदूषित रहा। वहीं शहर का फेफड़ा कहे जाने वाले इलाके बीएचयू, सारनाथ और कैंटोमेंट की भी हालत खराब है।
बौलिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स 441 दर्ज किया गया तो कैंट स्टेशन का 427। वहीं बीएचयू का एक्यूआई 413 और सारनाथ का 374 रहा। बीएचयू के वैज्ञानिक प्रो. बीडी त्रिपाठी ने बताया कि पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों की मात्रा हवा में बढ़ने के कारण हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। ठंड अधिक होने से प्रदूषक तत्व वायुमंडल में घुल नहीं पा रहे हैं। इसलिए एयर क्वालिटी इंडेक्स तेजी से बढ़ा है।