{"_id":"5ac0891d4f1c1bb9618b4dd9","slug":"varanasi-becomes-india-s-second-world-heritage-city","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में शामिल होगी काशी, पीएम मोदी ने दी सहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में शामिल होगी काशी, पीएम मोदी ने दी सहमति
पीयूष तिवारी, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:54 PM IST
विज्ञापन
ओल्डेस्ट लिविंग सिटी का है दर्जा, कंसलटेंट कंपनी को दिया जिम्मा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मनगरी और भारत की सांस्कृतिक राजधानी काशी को अब वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की श्रेणी में शामिल करने की कवायद शुरू की गई है। अहमदाबाद के बाद वाराणसी देश का दूसरा शहर होगा, जिसे यह दर्जा मिलेगा। वर्ल्ड हेरिटेज सिटी के लिए पीएमओ में मंथन के बाद तैयारी शुरू की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस योजना में काशी को शामिल किए जाने पर सहमति दी है। इसके बाद से ही कंसलटेंट कंपनी ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। वेदों और पुराणों में काशी का नाम वर्णित होने के आधार पर ही अब तक काशी को ओल्डेस्ट लिविंग सिटी का दर्जा प्राप्त है, लेकिन अब इसे वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित कराने की तैयारी चल रही है।
कुछ दिनों पहले पीएमओ में हुई अधिकारियों की बैठक में इसे वर्ल्ड हेरिटेज सिटी बनाने पर चर्चा हुई। इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सुझाव देते हुए जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। पीएम की हरी झंडी मिलते ही इस पर काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन
वीडीए सचिव विशाल सिंह ने बताया कि इसके लिए काशी के धरोहर को विश्व पटल पर प्रमाणित करने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके लिए कंसलटेंट कंपनी भी नियुक्त की गई है, जो अपना काम कर रही है।
शिव की नगरी होने के साथ ही काशी में बौद्ध धर्म, भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली, जैन धर्म का मुख्य तीर्थ है। काशी में प्रवाहित उत्तरवाहिनी मां गंगा के किनारे बने घाट और प्राचीन मठ, मंदिर, कुंड और तालाब हैं जो काशी को प्राचीन और पौराणिक के साथ ही धार्मिक होने का प्रमाण देते हैं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस योजना में काशी को शामिल किए जाने पर सहमति दी है। इसके बाद से ही कंसलटेंट कंपनी ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। वेदों और पुराणों में काशी का नाम वर्णित होने के आधार पर ही अब तक काशी को ओल्डेस्ट लिविंग सिटी का दर्जा प्राप्त है, लेकिन अब इसे वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित कराने की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन
कुछ दिनों पहले पीएमओ में हुई अधिकारियों की बैठक में इसे वर्ल्ड हेरिटेज सिटी बनाने पर चर्चा हुई। इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सुझाव देते हुए जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। पीएम की हरी झंडी मिलते ही इस पर काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन
वीडीए सचिव विशाल सिंह ने बताया कि इसके लिए काशी के धरोहर को विश्व पटल पर प्रमाणित करने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके लिए कंसलटेंट कंपनी भी नियुक्त की गई है, जो अपना काम कर रही है।
शिव की नगरी होने के साथ ही काशी में बौद्ध धर्म, भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली, जैन धर्म का मुख्य तीर्थ है। काशी में प्रवाहित उत्तरवाहिनी मां गंगा के किनारे बने घाट और प्राचीन मठ, मंदिर, कुंड और तालाब हैं जो काशी को प्राचीन और पौराणिक के साथ ही धार्मिक होने का प्रमाण देते हैं।
काशी को ये होगा फायदा
काशी की धराहरों को दस्तावेजों में सहेजने का शुरू किया गया काम
- फोटो : अमर उजाला
यूनेस्को से अब तक अहमदाबाद को ही वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा मिला है। मगर अब यह कोशिश काशी के लिए शुरू की गई है। अगर वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की सूची में काशी शामिल हो गया तो इसके विकास के लिए विस्वस्तरीय प्लानिंग होगी। विशेषज्ञों की टीम इसका सर्वे करके निर्माण और पुरातन धराहरों को सहेजने का कार्य करेगी।
वर्ल्ड हेरिटेज सिटी बनाने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं में राशि जारी करके हेरिटेज लुक देने का कार्य करा रही है। वहीं, अब काशी के मठ और मंदिरों का इतिहास, घाटों और घाट किनारे बने महलों का इतिहास, धर्म और संस्कृति के अलावा यहां होने वाले आयोजनों का इतिहास जुटाया जा रहा है।
इसमें मणिकर्णिका का महाश्मशान से लेकर राजा हरिश्चन्द्र और आदि गुरु शंकराचार्य के साथ ही राम नगर की रामलीला, रंगभरी एकादशी, नाटी इमली का भरत मिलाप, नाग नथैया, नक्कटैया, बुढ़वा मंगल, गुलाबबारी, रथ यात्रा, कीनाराम मठ का इतिहास आदि शामिल हैं।
छह माह लग सकता है समय
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
काशी को हेरिटेज बनने में करीब छह माह का समय लग सकता है, क्योंकि जिस कंसलटेंट कंपनी को अभी हाल ही में धरोहर को लेकर दस्तावजे एकत्र करने के लिए जो जिम्मेदारी दी गई है। उसे पूरा करन में छह माह लग जाएंगे। इन दस्तावेजों के साथ केन्द्र सरकार अपनी ओर से पूरा प्रस्ताव बनाकर युनेस्को भेजेगा। इसके बाद वहां से सर्वे टीम काशी में आकर उन दस्तावेजों का पूरा परीक्षण करेगी। जब टीम इस प्रस्ताव को प्रमाणित करेगी, तब जाकर इसे युनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी की लिस्ट में शामिल करेगा।