{"_id":"593916194f1c1b6c519c7f57","slug":"varanasi-ats-facing-staff-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में दरोगा और सिपाहियों के सहारे चल रहा एटीएस का कामकाज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में दरोगा और सिपाहियों के सहारे चल रहा एटीएस का कामकाज
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 08 Jun 2017 02:47 PM IST
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- फोटो : self
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आतंकी हमलों का दंश झेल चुकी काशी सूबे के अति संवेदनशील जिलों में से एक है। इसे देखते हुए वाराणसी में एटीएस का कार्यालय खोला गया। मगर, एक पखवारा से ज्यादा समय बाद भी एटीएस की वाराणसी इकाई का कामकाज गिनती के दरोगा और सिपाहियों के सहारे है।
एटीएस की वाराणसी इकाई के एडिशनल एसपी, डिप्टी एसपी और इंस्पेक्टरों के सभी पद खाली हैं।
एटीएस की वाराणसी इकाई के एसपी के तौर पर तैनात संतोष सिंह को बीते 14 मई को चंदौली के पुलिस अधीक्षक के तौर पर तैनात कर दिया गया। इसके साथ ही यहां डिप्टी एसपी और इंस्पेक्टर के पद पर भी कोई तैनात नहीं है।
गौरतलब है कि वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र आतंकियों के निशाने पर है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण यहां की सुरक्षा व्यवस्था की एक अलग चुनौती है।
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वहीं, जोन के तीन जिले सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली नक्सल प्रभावित हैं जबकि आजमगढ़ इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ी आतंकी गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है। इन हालात में एटीएस की वाराणसी इकाई के सभी महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों का टोटा पुलिस महकमे के अधिकारियों को भी नहीं पच रहा है।
अनौपचारिक बातचीत में पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सरकार को इस संबंध में जल्द निर्णय लेना चाहिए। सभी पदों पर रिक्तियों के अनुसार तत्काल तैनाती की जानी चाहिए।
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एटीएस की वाराणसी इकाई के एडिशनल एसपी, डिप्टी एसपी और इंस्पेक्टरों के सभी पद खाली हैं।
एटीएस की वाराणसी इकाई के एसपी के तौर पर तैनात संतोष सिंह को बीते 14 मई को चंदौली के पुलिस अधीक्षक के तौर पर तैनात कर दिया गया। इसके साथ ही यहां डिप्टी एसपी और इंस्पेक्टर के पद पर भी कोई तैनात नहीं है।
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गौरतलब है कि वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र आतंकियों के निशाने पर है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण यहां की सुरक्षा व्यवस्था की एक अलग चुनौती है।
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वहीं, जोन के तीन जिले सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली नक्सल प्रभावित हैं जबकि आजमगढ़ इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ी आतंकी गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है। इन हालात में एटीएस की वाराणसी इकाई के सभी महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारियों का टोटा पुलिस महकमे के अधिकारियों को भी नहीं पच रहा है।
अनौपचारिक बातचीत में पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सरकार को इस संबंध में जल्द निर्णय लेना चाहिए। सभी पदों पर रिक्तियों के अनुसार तत्काल तैनाती की जानी चाहिए।