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वाराणसी पहुंचे यूपी के राज्यपाल ने आरक्षण मामले पर दिया बड़ा बयान

Thu, 10 Jan 2019 08:20 PM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: utpal utpal Updated Thu, 10 Jan 2019 08:20 PM IST
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Uttar pradesh governor give statement of reservation in varanasi
राज्यपाल रामनाइक - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि संसद में सबकी सहमति से आरक्षण पर एक अच्छा फैसला हुआ। अब तक इस पर चर्चा नहीं हो पा रही थी, यह अच्छा है कि कम से कम इस पर चर्चा हुई। 
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राज्यपाल ने कहा कि विद्यमान आरक्षण एससी, एसटी, ओबीसी को कम या खत्म न करते हुए यह नया आरक्षण दिया गया है, जिसके आधार पर गरीब सवर्ण छात्रों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।
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इस भूमिका में संसद में जो निर्णय किया है, वह ठीक है। एक-दो दिन में राष्ट्रपति भी इस पर अपनी अनुमति कर देंगे, ऐसा विश्वास है। प्रवासी भारतीय सम्मेलन जो तीन दिन का होगा वह बनारस, उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे भारत के लिए महत्वपूर्ण होगा। जब अटल विहारी बाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने इसकी शुरूआत की थी।
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दुनिया में जहां-जहां भारतीय हैं, उन्हें एक स्थान पर आने, विचारों के अदान-प्रदान का अवसर मिलता है। बनारस के लोग जिस तरह से मेहमानों का स्वागत कर रहे हैं, यह सराहनीय पहल है। जब मेहमान जाएंगे तो एक अनुभव लेकर जाएंगे। 

मंदिर मामले पर कही ये बात

राम मंदिर के मुद्दे पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि राम मंदिर का मामला सर्वोच्च न्यायायल के अधीन है। न्यायालय को ही निर्णय करना है। यह एक प्रक्रिया है, इसके तहत ही सब होगा। सब लोग चाहेंगे जितना जल्दी निर्णय हो अच्छा होगा। इससे पहले राज्यपाल ने गुरुवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचकर यहां सरस्वती भवन में रखी पांडुलिपियों को देखा।

इस दौरान उन्होंने हस्तलिखित, स्वर्णपत्र सहित अलग-अलग रखी पांडुलिपियों को देखने के बाद रामनाईक ने इसे ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण और डिजिटलाइजेशन को जरूरी बताया।  विश्वविद्यालय में शाम करीब साढ़े चार बजे पहुंचे राज्यपाल ने सरस्वती भवन में श्रीमदभगवतगीता, श्रुति विकास, सामुद्रीकण, दुर्गासप्तसती, जिन चंद सूरी प्रशस्ति पत्र, शेक्सपीयर कंपलीट वर्क्स आफ विलियम, फ्रेंच इंगलिश डिक्शेनरी के साथ ही वाल्मिकी रामायण के अंग्रेजी संवाद, मराठी लिपि में अमृत सागर को देखा।

इसके अलावा उन्होंने बांग्ला, उड़िया, मैथिली, गुरुमुखी, अरबी-फारसी में रखी पांडुलिपियों, अभिज्ञान शांकुतलम के जर्मन, फ्रेंच अनुवाद का अवलोकन किया। इस दौरान कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। 

तीरंदाजी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को दी बधाई

भुवनेश्वर के किट यूनिवर्सिटी में 26 से 29 दिसंबर तक आयोजित आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने गई विश्वविद्यालय की टीम को राज्यपाल रामनाईक ने बधाई दी। सरस्वती भवन मुख्य द्वार पर राज्यपाल ने प्रतियोगिता में विजयी आशुतोष मिश्र, शिवम केशरी, आदित्य कुमार, प्रीति खरवार, खुशबू खरवार को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय खिलाड़ियों को तीन सिल्वर, दो ब्रॉंज मेडल मिला। 
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