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उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जयंती: काशी में रौजे पर हुई दुआख्वानी, एक तरफ गूंजी आयतें तो दूसरी ओर गणेश वंदना

Sun, 21 Mar 2021 08:11 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Sun, 21 Mar 2021 08:11 PM IST
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Ustad Bismillah Khan birth anniversary Dukhwani Quran and Ganesh Vandana in Varanasi
जयंती पर उस्ताद को श्रद्धासुमन अर्पित करते लोग। - फोटो : अमर उजाला

भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की जयंती रविवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में दरगाह फातमान स्थित उनके रौजे पर अकीदत के साथ मनाई गई। संगीत प्रेमियों ने उस्ताद को याद किया। उनकी मजार पर फूल चढ़ाए और गणेश वंदना भी हुई।

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दरगाह ए फातमान पर धार्मिक और सांप्रदायिक एकता का संदेश दिया गया। एक तरफ जहां अब्बास मुर्तजा शम्सी ने कुरान शरीफ की आयतें पढ़कर फातिहाख्वानी की, वहीं ओपी ओझा ने गणेश वंदना के जरिये उस्ताद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस्ताद की कब्रगाह पर उनके घर के सदस्यों के अलावा पूर्व विधायक अजय राय भी पहुंचे। उन्होंने अकीदत के फूल चढ़ाए। जयंती समारोह में उस्ताद के बेटे नाजिम हुसैन, काजिम हुसैन, बेटी जरीना बेगम, अजरा बेगम, पौत्र आफाक हैदर, इख्तेखार अहमद, नजमुल हसन, हादी हसन, मजलूम राजा आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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उस्ताद के नाम से स्थापित हो संगीत एकेडमी

उस्ताद की जयंती पर शकील अहमद जादूगर व उस्ताद के पौत्र आफाक हैदर ने सरकार को पुराने वादे याद दिलाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वादा किया था कि कैंट स्टेशन पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान कि प्रतिमा लगेगी और बनारस में उनके नाम पर संगीत एकेडमी खोली जाएगी। जैसे तैसे मकबरा तो बन गया, लेकिन वह भी पूरा नहीं किया गया। बरसात में यहां पानी टपकने लगता है, पीछे भी काम बाकी है।

न तो कोई मंत्री पहुंचा और न ही कोई अधिकारी
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान फाउंडेशन के प्रवक्ता शकील अहमद जादूगर ने बताया कि कहने को कई विधायक और मंत्री जिले में हैं मगर उस्ताद की कब्र पर अकीदत के फूल चढ़ाने का वक्त शायद ही किसी के पास हो। पौत्र आफाक हैदर ने बताया कि कई लोगों को आमंत्रण भेजा जाता है पर आता कोई नहीं है।

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