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Varanasi News: फर्जी वेबसाइट बनाकर एजेंसी और फ्रेंचाइजी देने के नाम पर करते थे फ्रॉड

Fri, 02 Aug 2024 05:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2024 05:44 AM IST
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Used to commit fraud by creating fake websites in the name of providing agency and franchise.
नामी कंपनियों के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर एजेंसी या फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन फ्रॉड करने के आरोप में दो अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। दोनों की पहचान बिहार के नालंदा जिले के बरीठ गांव के पंकज कुमार और भैदी, कटौना के सन्नी कुमार के रूप में हुई है।
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दोनों के पास से दो लाख 14 हजार रुपये, चार मोबाइल और रिवोल्ट मोटर्स, श्री लेदर, पतंजलि, एमआरएफ टायर, मदर डेयरी, मैकडोनाल्ड, मोगिनिस, केएफसी, कचरा सेठ, आईटीसी, हिमालया, हल्दीराम, फॉर्च्यून और अडानी गैस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के फर्जी कागजात और इनवॉइस बरामद हुए हैं।
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भोजूबीर निवासी धीरेंद्र बहादुर सिसोदिया ने पांच जून 2023 को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। धीरेंद्र बहादुर के अनुसार रिवोल्ट मोटर्स की एजेंसी दिलाने के नाम पर फर्जी वेबसाइट के माध्यम से उनसे पांच लाख 25 हजार 500 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई है। डीसीपी वरुणा जोन / क्राइम चंद्रकांत मीना ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्र के नेतृत्व में इंस्पेक्टर राज किशोर पांडेय व राकेश कुमार गौतम और हेड कांस्टेबल आलोक कुमार सिंह व श्यामलाल गुप्ता की टीम काम कर रही थी। सर्विलांस व डिजिटल फुट प्रिंट के आधार पर घटना में शामिल दो अंतरराज्यीय साइबर जालसाजों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया।
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वेब डेवलपर के माध्यम से बनवाते थे फर्जी वेबसाइट

डीसीपी वरुणा जोन / क्राइम सरवणन टी ने बताया कि आरोपी वेब डेवलपर के माध्यम से ब्रांडेड कंपनियों की ओरिजिनल वेबसाइट से मिलती-जुलती हुई फर्जी वेबसाइट और ईमेल बनवाते हैं। फिर उस फर्जी वेबसाइट को मेटा एड्स, गूगल एड्स और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के माध्यम से प्रमोट कराते हैं। फ्रेंचाइजी / एजेंसी की चाह रखने वाले लोगों की लीड इस वेबसाइट के वेब मेल में प्राप्त होती है। प्राप्त डेटा को फिल्टर कर यह लोग कॉल कर अपने झांसे में लेकर कंपनी के फर्जी कागजात भेजकर विश्वास में लेते हैं। फिर, उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी फीस, सिक्योरिटी मनी का हवाला देते हुए कथित कंपनी के फर्जी बैंक खातों में ऑनलाइन पैसा मंगवाते हैं। उस पैसे को अपने साथियों के माध्यम से एटीएम या सीएसपी के माध्यम से निकाल कर बांट लेते है। फर्जी जीएसटी बिल के लिए जीएसटी काउंसिल, एनओसी के लिए एनओसी, आरबीआई का मैसेज भेजने के लिए एफएआरबी और बैंकिग के मैसेज के लिए सीटीसी नामक फर्जी एंड्रायड एप्लीकेशन का प्रयोग किया जाता है। इन एप के माध्यम से मात्र 20 सेकेंड के अंदर फर्जी बिल बनाकर लोगों को भेजा जाता है।
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