UPTET: जीके-जीएस के प्रश्न नहीं होने से मायूसी , पर्यावरण अध्ययन के सवालों ने दी राहत; सुरक्षा भी रही
Ballia News: जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर तीन दिवसीय परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। प्रत्येक पाली में 6,096 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने जीके और जीएस के अपेक्षित प्रश्न नहीं आने पर मायूसी जताई, जबकि पर्यावरण अध्ययन से जुड़े सवाल अपेक्षाकृत आसान होने से उन्हें कुछ राहत मिली।
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UPTET: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) शनिवार को समाप्त हो गई। परीक्षा केंद्र से बाहर निकले परीक्षार्थियों का पेपर को लेकर मिश्रित जवाब मिला। अभ्यर्थियों ने बताया कि जीके-जीएस के प्रश्न नहीं होने से मायूसी मिली हालांकि पर्यावरण अध्ययन के प्रश्नों ने राहत दी।
अधिकतर परीक्षार्थियों ने सामान्य स्तर का पेपर बताया। वहीं, कुछ ने आसान से मध्यम श्रेणी का बताया। अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र में सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन के प्रश्न नहीं होने पर नाराजगी जताई, लेकिन पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न होने से उन्हें खुशी मिली।
पर्यावरण ज्ञान के प्रश्न ने परीक्षार्थियों को परीक्षा में सहज बनाया। बताया कि पर्यावरण से संबंधित प्रश्नों से काफी सहूलियत हुई। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई है। कितने परीक्षार्थी शामिल हुए इसका आंकड़ा मुख्यालय स्तर से निकाला जाता है।
सुबह की पाली में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न हुई। तीन दिवसीय परीक्षा पांच पालियों में 15 केंद्रों पर आयोजित की गई। प्रत्येक पाली के लिए 6096 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। यानी तीन दिन की परीक्षा के लिए कुल 30,480 अभ्यर्थियों का पंजीकरण कराया गया था। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी देखने को नहीं मिली। परीक्षा पूरी शुचिता के साथ संपन्न हो गई। परीक्षा समाप्ति के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
प्रश्न पत्र आसान से मध्यम श्रेणी के थे। प्रश्नों को क्रमबद्ध तरीके से हल किया। किसी प्रश्न ने उलझन में नहीं डाला। सभी प्रश्न आसानी से हल कर दिए। परीक्षा के प्रश्न सरल रहे। - रोशनी विश्वकर्मा, आजमगढ़।
परीक्षा का पैटर्न बिल्कुल बदल गया है। प्रश्न पत्र में सामान्य अध्ययन एवं सामान्य ज्ञान के प्रश्न नहीं थे। इससे काफी अचरज हुआ। पर्यावरण विषय से संबंधित प्रश्न अधिक थे। जिससे पेपर सरल लगा। - रानी, आजमगढ़।
गणित के प्रश्न कठिन थे। प्रश्न को विस्तृत विवरण के साथ पूछा गया था। जिससे हल करने में काफी समय लग गया। गणित के प्रश्न में रफ कार्य ज्यादा करना पड़ा। - पूनम राज, मऊ
प्रश्न पत्र बहुत ही आसान था। पर्यावरण अध्ययन से संबंधित प्रश्न थे। जो ज्यादा सरल थे। परीक्षा अच्छी तरह से हो गई है। चयन की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। - साधना, आजमगढ़।
प्रश्न पत्र में जीके एवं जीएस के प्रश्न नहीं थे। इसकी जगह पर पर्यावरण शिक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे। इसमें माइनस मार्किंग नहीं है। इस लिए परीक्षा में उत्तीर्ण होने की संभावना ज्यादा है। - सोनम, आजमगढ़।
परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षार्थियों की जांच
जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सघन जांच पड़ताल की गई। जांच का वीडियोग्राफी भी कराई गई। जांच में प्रवेश के साथ आधार तथा अन्य कागजातों की जांच की गई। बिना जांच पड़ताल किसी को भी परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिलाया गया। इसके लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा की निर्धारित अवधि से करीब दो घंटा पहले ही बुलाया गया था। हालांकि जांच पड़ताल में परीक्षार्थियों का समय बर्बाद नहीं किया गया। समय के साथ जांच के बाद विद्यार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिला दिया गया।
सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा
परीक्षा में शुचिता के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। परीक्षा केंद्र के सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। परीक्षार्थियों ने सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा में शामिल हुए। इसकी मानिटरिंग भी की गई। परीक्षा केंद्र के एक अलग कक्ष में मानिटरिंग सेल बनाया गया था। जहां से परीक्षा की एक-एक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही थी।