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योगी सरकार में भी पिट रही पुलिस, कैसे हो इकबाल बुलंद
amarujala.com, written by- पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
Updated Wed, 12 Jul 2017 04:57 PM IST
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योगी आदित्यनाथ
- फोटो : ANI
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते हफ्ते सर्किट हाउस में कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा था कि जनता में पुलिस का इकबाल बुलंद हो। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों में कानून का भय हो लेकिन अपनी साख और हनक कायम रखने की चुनौतियों से घिरी ‘खाकी’ न अपराधियों में भय पैदा कर पा रही है न ही जनता में भरोसा।
डीजीपी सुलखान सिंह ने भी कहा था कि पुलिस अपना काम सही से कर रही है। मगर, हकीकत में पुलिस का इकबाल पूर्वांचल के दस जिलों में बुलंद नहीं दिख रहा है। बीते एक हफ्ते में वाराणसी, गाजीपुर और मिर्जापुर जिले में पुलिस पर दिनदहाड़े तीन बार हमला किया गया।
ये हमले तब हुए जब पुलिस टीमें किसी गिरफ्तारी के लिए नहीं बल्कि उच्चाधिकारियों के निर्देश का अनुपालन कराने पहुंची थीं। जोन भर के जिलों के ऐसे आंकड़े और भी चिंतित कर देने वाले हैं।
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बीते सवा तीन महीने में दस जिलों में पुलिस पर 12 बार से अधिक हमले हुए। बीते दो जुलाई को यहां आए मुख्यमंत्री ने कहा था कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो।
मगर, जोन के जिलों में हाल में हुई घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों की मानें तो नई सरकार में भी आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर पुलिस शिकंजा नहीं कस पाई।
दूसरे, थानों और पुलिस की कार्यप्रणाली में भी कोई खास बदलाव नहीं आया। जनता में भरोसा पैदा करने में नाकामी भी पुलिस टीमों पर हाल में हुए हमलों की बड़ी वजह बनी।
वाराणसी एडीजी जोन, बी महापात्रा ने कहा कि भीड़ में शामिल कुछ भटके लोग कभी-कभी माहौल को हिंसक बना देते हैं। इस वजह से सिविल पुलिस को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। मगर, कानून हाथ में लेने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है।
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डीजीपी सुलखान सिंह ने भी कहा था कि पुलिस अपना काम सही से कर रही है। मगर, हकीकत में पुलिस का इकबाल पूर्वांचल के दस जिलों में बुलंद नहीं दिख रहा है। बीते एक हफ्ते में वाराणसी, गाजीपुर और मिर्जापुर जिले में पुलिस पर दिनदहाड़े तीन बार हमला किया गया।
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ये हमले तब हुए जब पुलिस टीमें किसी गिरफ्तारी के लिए नहीं बल्कि उच्चाधिकारियों के निर्देश का अनुपालन कराने पहुंची थीं। जोन भर के जिलों के ऐसे आंकड़े और भी चिंतित कर देने वाले हैं।
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बीते सवा तीन महीने में दस जिलों में पुलिस पर 12 बार से अधिक हमले हुए। बीते दो जुलाई को यहां आए मुख्यमंत्री ने कहा था कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो।
मगर, जोन के जिलों में हाल में हुई घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों की मानें तो नई सरकार में भी आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर पुलिस शिकंजा नहीं कस पाई।
दूसरे, थानों और पुलिस की कार्यप्रणाली में भी कोई खास बदलाव नहीं आया। जनता में भरोसा पैदा करने में नाकामी भी पुलिस टीमों पर हाल में हुए हमलों की बड़ी वजह बनी।
वाराणसी एडीजी जोन, बी महापात्रा ने कहा कि भीड़ में शामिल कुछ भटके लोग कभी-कभी माहौल को हिंसक बना देते हैं। इस वजह से सिविल पुलिस को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। मगर, कानून हाथ में लेने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है।
पुलिस पर हमले की हाल की घटनाएं
थानेदार और पीएसी के प्लाटून कमांडर को आई गंभीर चोट
- फोटो : अमर उजाला
09 जुलाई - मिर्जापुर के कछवां के खैरा गांव में पथराव में थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मी घायल
06 जुलाई - वाराणसी के लंका के मलहिया क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न बजाने से मना करने पर दो सिपाहियों को पीट कर फाड़ी वर्दी
04 जुलाई - गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र में दो सिपाहियों पर हमला, सरकारी असलहे छीनने के हुए प्रयास
29 जून - वाराणसी के फूलपुर क्षेत्र में ग्रामीणों के हमले में तहसीलदार, पीएसी का प्लाटून कमांडर और थानाध्यक्ष सहित 12 पुलिसकर्मी घायल
26 जून - जौनपुर के नेवढ़िया क्षेत्र में ग्रामीणों ने हमला कर थानाध्यक्ष सहित सात पुलिसकर्मियों को किया घायल
17 जून - गाजीपुर के बहरियाबाद क्षेत्र में ग्रामीणों ने एसपी (ग्रामीण) सहित पांच पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया। हमले में नौ पुलिसकर्मी घायल
14 जून - मिर्जापुर कचहरी में पुलिस वैन में बदमाश राजीव उर्फ वकील पांडेय ने हथकड़ी से दरोगा जगदीश यादव का सिर फोड़ा। दरोगा की पिस्टल छीनकर पुलिस पर तानी
12 जून - वाराणसी के जंसा में पशु तस्करों का पुलिस पर हमला। जंसा थानाध्यक्ष की जीप तोड़ी और सरकारी सामान लूटे
20 मई - बलिया के भीमपुरा में ग्रामीणों के पथराव दो पुलिसकर्मी घायल
28 अप्रैल - पुलिस पिटाई से महिला की मौत का आरोप लगाकर वाराणसी के अमरा अखरी पुलिस बूथ पर पथराव और तोड़फोड़
27 अप्रैल - वाराणसी के अखरी में पैमाइश कराने गई पुलिस और राजस्व टीम पर हमला
06 अप्रैल - मिर्जापुर और जौनपुर में शराब बंदी की मांग कर रहे लोगोें ने पुलिस पर किया हमला
06 जुलाई - वाराणसी के लंका के मलहिया क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न बजाने से मना करने पर दो सिपाहियों को पीट कर फाड़ी वर्दी
04 जुलाई - गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र में दो सिपाहियों पर हमला, सरकारी असलहे छीनने के हुए प्रयास
29 जून - वाराणसी के फूलपुर क्षेत्र में ग्रामीणों के हमले में तहसीलदार, पीएसी का प्लाटून कमांडर और थानाध्यक्ष सहित 12 पुलिसकर्मी घायल
26 जून - जौनपुर के नेवढ़िया क्षेत्र में ग्रामीणों ने हमला कर थानाध्यक्ष सहित सात पुलिसकर्मियों को किया घायल
17 जून - गाजीपुर के बहरियाबाद क्षेत्र में ग्रामीणों ने एसपी (ग्रामीण) सहित पांच पुलिसकर्मियों को बंधक बनाया। हमले में नौ पुलिसकर्मी घायल
14 जून - मिर्जापुर कचहरी में पुलिस वैन में बदमाश राजीव उर्फ वकील पांडेय ने हथकड़ी से दरोगा जगदीश यादव का सिर फोड़ा। दरोगा की पिस्टल छीनकर पुलिस पर तानी
12 जून - वाराणसी के जंसा में पशु तस्करों का पुलिस पर हमला। जंसा थानाध्यक्ष की जीप तोड़ी और सरकारी सामान लूटे
20 मई - बलिया के भीमपुरा में ग्रामीणों के पथराव दो पुलिसकर्मी घायल
28 अप्रैल - पुलिस पिटाई से महिला की मौत का आरोप लगाकर वाराणसी के अमरा अखरी पुलिस बूथ पर पथराव और तोड़फोड़
27 अप्रैल - वाराणसी के अखरी में पैमाइश कराने गई पुलिस और राजस्व टीम पर हमला
06 अप्रैल - मिर्जापुर और जौनपुर में शराब बंदी की मांग कर रहे लोगोें ने पुलिस पर किया हमला