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यूपी पंचायत चुनाव 2021: प्रधानी पर जोर दिखा रहे ग्रामीण, सदस्य पद को नहीं पूछ रहा कोई

Sat, 03 Apr 2021 04:53 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 03 Apr 2021 04:53 PM IST
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UP Panchayat elections 2021: villagers interested for contest pradhan pad chunav not other election
पंचायत चुनाव। - फोटो : amar ujala

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रधान पद पर सबसे ज्यादा जोर रहता है, वहीं सदस्य पद पर ग्रामीण रुचि ही नहीं ले रहे हैं। इससे ज्यादातर गांवों में सदस्य पद खाली रह जाते हैं या निर्विरोध निर्वाचन हो जाता है। 2015 के बीते पंचायत चुनाव में जिले के आठों ब्लॉकों के 760 गांवों में 9928 ग्राम पंचायत सदस्यों के पद थे। जिसमें से 2440 पद रिक्त रह गए थे। जिसके चलते कई ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सका था। दो बार उपचुनाव कराने के बाद भी सीटें नहीं भर पाईं।

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इस बार जिले में गांवों की संख्या घटकर 694 हो गई है। ऑठों ब्लॉकों में 8978 ग्राम पंचायत सदस्य के पद हैं। जिनके लिए नामांकन फार्म खरीदे जा रहे हैं। ग्राम पंचायत सदस्य पद पर चुनाव कराने के बाद भी लोगों की रुचि नहीं लेने से सीटें रिक्त रह जाती हैं। इसका फायदा ग्राम प्रधान उठाते हैं। वे अपनी मनमानी करते हैं।
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ज्यादातर प्रधान ही अपने मनमुताबिक ग्राम पंचायत सदस्य बनवाते हैं। इसके बाद भ्रष्टाचार के खेल में सभी मिलकर सरकारी धन की बंदरबांट करते हैं। चुनाव के जानकारों के अनुसार एक ग्राम पंचायत सदस्य को चुनाव लड़ने में मात्र 1000 रुपये का खर्च आता है। इनमें नामांकन फार्म का मूल्य, जमानत राशि आने-जाने का खर्च सब समाहित है।

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पंचायत के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि पहले ग्राम पंचायत सदस्यों को प्रधानों को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार था। लेकिन 2005 से यह अधिकार मतदाताओं के पास चला गया है। यही कारण है कि ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रति लोगों का रुझान कम रहता है। पिछले चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्यों की 2440 सीटें रिक्त रह गई थी। गांव के विकास के लिए युवाओं को अधिक से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य पद पर नामांकन करना चाहिए ताकि अपने गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। साथ ही चुनाव आयोग की मंशा भी साकार हो जिसमें रिक्त सीटों की संख्या शून्य रहे। 

ग्राम पंचायतों में 9 से 15 के बीच होती है सदस्यों की संख्या
किसी भी ग्रामसभा में 2000 या उससे अधिक की जनसंख्या का होना आवश्यक है। हर गांव में एक ग्राम प्रधान होता है। 1000 तक की आबादी वाले गांवों में 9 ग्राम पंचायत सदस्य, 2000 तक में 11 तथा 3000 की आबादी तक 15 सदस्य होने चाहिए। ग्राम सभा की बैठक साल में दो बार होनी जरूरी है। इसकी सूचना 15 दिन पहले नोटिस के माध्यम से देनी होती है। ग्रामसभा की बैठक बुलाने का अधिकार ग्राम प्रधान को होता है। बैठक के लिए कुल सदस्यों की संख्या के 5वें भाग की उपस्थिति जरूरी होती है।

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