UP Nikay Chunav: पीएम मोदी के गढ़ में कांग्रेस की हालत बेहद पतली, जमानत तक नहीं बचा सके 86 में से 65 प्रत्याशी
UP Nikay Chunav Result: वाराणसी नगर निगम चुनाव में भाजपा की आंधी चली है। कांग्रेस ने 86 वार्डों से अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन 8 पर ही जीत मिल सकी। 65 से अधिक सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।
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प्रचंड जीत के साथ वाराणसी में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बन गई है। मेयर पद के प्रत्याशी अशोक तिवारी ने 1,33,137 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से सपा के ओपी सिंह को चुनाव में हरा दिया। इससे पहले मेयर पद के किसी प्रत्याशी ने इतने बड़े अंतर से चुनाव नहीं जीता है। भाजपा के गढ़ में विपक्ष का सूपड़ा साफ हो गया। कांग्रेस, बसपा और आम आदमी पार्टी के मेयर पद के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। बसपा का एक भी पार्षद प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका है। कांग्रेस को भी तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने जो चुनाव परिणाम घोषित किए हैं, उसके मुताबिक, वाराणसी नगर निगम चुनाव में भाजपा की आंधी चली है। कांग्रेस ने 86 वार्डों से अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन 8 पर ही जीत मिल सकी। 65 से अधिक सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। पार्टी की इस करारी हार ने कांग्रेस नेताओं को आत्ममंथन करने पर विवश कर दिया है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में कांग्रेस को मिली जीत
नगर निगम के 100 वार्डों में से कांग्रेस ने 86 सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारे थे। बाकी 14 वार्ड में कांग्रेस का कोई उम्मीदवार ही नहीं था। पार्टी का दावा है कि चार वार्ड में उनका नामांकन निरस्त हो गया था और बाकी जगहों पर उन्होंने निर्दल उम्मीदवार को समर्थन दिया था।
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पार्टी ने दावा किया था वह पिछले साल के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करेगी, लेकिन सारे दावे हवा-हवाई हो गए। जिन वार्ड में जीत मिली है, वह मुस्लिम बहुल इलाके हैं। कांग्रेस ने लल्लापुरा खुर्द, डिठोरी महाल, काजी सादुल्लापुरा, कमलगढ़हा, सरैया, कमालपुरा, मदनपुरा और जलालीपुरा में जीत दर्ज की है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे का कहना है कि यह हमारे लिए आत्ममंथन का समय है।
भाजपा को 23 सीटों का फायदा
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सपा को भी एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार 13 पार्षद प्रत्याशी चुनाव जीत पाए हैं। यह संख्या पिछली बार 14 थी। बसपा को पिछली बार दो सीटें मिलीं थीं, लेकिन इस बार खाता नहीं खुल सका। निर्दलीय पार्षदों की संख्या दो बढ़ी है। पिछली बार 13 पार्षद चुनाव जीते थे, लेकिन इस बार 15 चुनाव जीतकर आए हैं। एक सीट जन अधिकार पार्टी के खाते में गई है।
बागी उम्मीदवारों पर भी जनता ने जताया भरोसा
वाराणसी नगर निगम चुनाव में बागी उम्मीदवारों ने भी कई वार्डों में पार्टियों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। जनता ने भी बागियों पर अपना भरोसा जताया और उनके सिर पर जीत का ताज पहनाया। भाजपा और कांग्रेस को कई वार्डों में बागियों का विरोध झेलना पड़ा। भाजपा के दो बागियों ने तो कांग्रेस के एक बागी उम्मीदवार ने अपनी जीत दर्ज की है। नगर निगम की स्थिति को देखें तो सपा, कांग्रेस और बसपा से अधिक निर्दल उम्मीदवारों की संख्या है। सदन में 15 निर्दलीय उम्मीदवार इस बार पहुंचे हैं।
कालभैरव वार्ड से भाजपा के बागी संजय गुजराती विश्वंभरी और नगवां से माधुरी सिंह ने निर्दल प्रत्याशी के तौर पर चुनाव में जीत दर्ज की है। माधुरी सिंह के पति रविंद्र सिंह भाजपा के पार्षद थे। वहीं कांग्रेस के बागी पार्षद तुफैल अंसारी की पत्नी ताज्बर बीबी ने भी बतौर निर्दल प्रत्याशी जीत दर्ज की है। बागी प्रत्याशियों ने अपना टिकट कटने से नाराज होकर निर्दल प्रत्याशी के तौर पर नगर निगम चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की। जनता ने भी प्रत्याशियों पर अपना भरोसा जताया और उन्हें विजयश्री का आशीर्वाद भी दिया।
भाजपा से निष्कासित पूर्व डिप्टी मेयर के भाई को मिली जीत
मतदान से ठीक पहले पार्टी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किए गए पूर्व डिप्टी मेयर संजय राय के भाई प्रवीण राय ने भी काजीपुरा वार्ड से जीत दर्ज की है। निर्दल प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने के चलते पूर्व डिप्टी मेयर के साथ ही उनके भाई को भी छह वर्ष के निष्कासित किया गया था। हालांकि जीत के बाद प्रवीण राय ने कहा कि मेरा तो घर भाजपा है। कुछ लोगों ने षडयंत्र किया है, मगर मेरी जीत ने सबकुछ साफ कर दिया है।
पार्षद के इतने प्रत्याशियों की जब्त हुई जमानत
- हुकुलगंज में चुनाव लड़ने वाले आठ प्रत्याशियों में छह की जमानत जब्त।
- गोलाघाट रामनगर में 13 में से 12 की जमानत जब्त।
- रामपुर रामनगर में 15 प्रत्याशियों में विजेता के बाद बाकी 14 अपनी जमानत नहीं बचा सके।
- गणेशपुर में 10 में से 8 प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई।
- राजघाट में 4 में तीन प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सके।
- सरसौली में 9 प्रत्याशियों में से 5 की जमानत जब्त हो गई।