UP Nikay Chunav Result: एक बार फिर वाराणसी के मेयर कुर्सी पर BJP का कब्जा, पहली बार बना ये कीर्तिमान
UP Nikay Chunav Result: यूपी में भाजपा का गढ़ माने जाने वाले वाराणसी में मेयर पद पर भाजपा उम्मीदवार अशोक तिवारी ने जबरदस्त जीत हासिल की है। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी सपा प्रत्याशी ओमप्रकाश सिंह एक लाख 33 हजार से ज्यादा मतों से हरा दिया है। इसी के साथ वाराणसी में लगातार छठवीं बार मेयर पद पर भाजपा की जीत हुई है।
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यूपी नगर निकाय चुनाव में वाराणसी के महापौर पद की सीट पर एक बार फिर भाजपा ने अपना परचम लहराया है। सूबे की प्रतिष्ठित वाराणसी नगर निगम सीट पर पार्टी ने लगातार छठवीं बार कब्जा किया है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक भाजपा के अशोक तिवारी को एक लाख 33 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया। यह अबतक की सबसे बड़ी जीत बताई जा रही है।
लगातार जीत से पार्टी में काफी उत्साह है। 28 वर्षों से वाराणसी के मेयर पद पर भाजपा का अजेय विजय रथ शनिवार को भी आगे बढ़ा। भाजपा ने मेयर पद पर अपना कब्जा बरकरार रखते हुए नगर निगम के इतिहास में पहली बार पूर्ण बहुमत वाले सदन का कीर्तिमान रचा है।
नगर के प्रथम नागरिक अशोक तिवारी के साथ ही भाजपा ने 63 पार्षद सदन में पहुंचे हैं। चुनाव में सपा और कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है और निर्दलियों ने इस चुनाव में बड़ी लकीर खींची है। मेयर के चुनाव में जितने मत भाजपा को मिले हैं, उतने सपा और कांग्रेस प्रत्याशी मिलकर भी नहीं प्राप्त कर सके। कांग्रेस के वोट बैंक में भी गिरावट आई है।
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1995 से लगातार भाजपा की जीत
वाराणसी में नगर निगम से पहले नगर महापालिका थी, तब यहां 1960 से 1994 तक नगर प्रमुख हुआ करते थे। इसके बाद 1995 में नगर निगम बनने के बाद मेयर पद की सीट सामान्य थी और भाजपा ने सरोज सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था और जीत मिली थी। वर्ष 1995 से लगातार भाजपा महापौर सीट पर काबिज रही। इस बार भी कांग्रेस, सपा और बसपा महापौर सीट पर भाजपा के गढ़ को नहीं तोड़ पाए।
इस बार चुनाव प्रचार में बसपा से तो कोई बड़ा नेता नहीं आया लेकिन सपा के कई दिग्गज मैदान में उतरे थे। वाराणसी नगर निगम महापौर सीट पर कब्ज़ा पाने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ खुद प्रचार के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि कहा था कि अब जरूरत ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने पर है। यह अपील जनता को पसंद आया और मेयर की सीट भाजपा की झोली में डाल दी। 29 चक्र चली मतगणना में अशोक तिवारी ने पहले चरण से ही बढ़ती बना ली थी जो आखिरी तक बरकरार रही। हर चक्र में उनकी जीत का अंतर बढ़ता गया।
मेयर पद के प्रत्याशियों को मिले वोट
- अशोक तिवारी भाजपा 2,91,852
- ओमप्रकाश सिंह सपा 1,58,715
- अनिल श्रीवास्तव कांग्रेस 94,288
- सुभाषचंद्र माझी बसपा 36,218
- आनंद कुमार तिवारी सुभासपा 12,799
- शारदा टंडन आप 8,077
- हरीश मिश्रा निर्दलीय 5,458
- वीरेंद्र गुप्ता निर्दलीय 5,433
- ओमप्रकाश चौरसिया निर्दलीय 4,114
- दीपक लाल निर्दलीय 2,879
- शमसेर खान निर्दलीय 2,140
सभी दलों के लिए हर चरण का एक जैसा ट्रेंड
सुबह आठ बजे पहड़िया मंडी में शुरू हुई मतगणना 29 चक्रों में पूरी हुई। इसमें पहले चरण से लेकर अंतिम चरण में भाजपा, सपा और कांग्रेस प्रत्याशियों को मिले मतों का ट्रेंड एक जैसा ही रहा। इसमें प्रत्येक चरण में भाजपा प्रत्याशी अशोक तिवारी को 10 से 12 हजार, सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश सिंह को छह से आठ हजार और कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव को तीन से पांच हजार मत मिले।
नोटा से भी कम मत पाए 3 मेयर प्रत्याशी
नगर निगम के 4852 मतदाताओं को मेयर पद का कोई उम्मीदवार नहीं भाया और उन्होंने ईवीएम में नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) का बटन दबाया। नोटा से भी कम मत पाने वालों में निर्दलीय प्रत्याशी ओम प्रकाश चौरसिया, दीपक लाल और शमशेर खान का नाम शामिल है। शमशेर खान को 2140, दीपक लाल को 2879 और ओम प्रकाश चौरसिया को 4114 मत मिले।
पूरे शहर में जश्न
29 चक्र तक की गिनती पूरी होने के पहले से ही पहड़िया मंडी के भीतर और बाहर भाजपा का झंडा लहराने लगे। समर्थकों ने फूल मालाओं के साथ अशोक तिवारी का स्वागत किया। पहड़िया मंडी से लेकर शहर भर में जगह-जगह जोरदार स्वागत हुआ। पुष्पवर्षा के साथ माला पहनाया गया। ढोल नगाड़े बजे। आतिशबाजी के बीच कार्यकर्ता नारेबाजी के साथ झूमकर नाचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराया गया। एक दूसरे को गले लगाकर सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जीत के लिए बधाई दी।