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निकाय चुनाव में बजा भाजपा का डंका, बनारस में मेयर पद पर लगातार पांचवीं बार कब्जा
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Sat, 02 Dec 2017 02:10 PM IST
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मृदुला जायसवाल
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी नगर निकाय चुनाव में महापौर पद की सीट पर एक बार फिर भाजपा ने अपना परचम लहराया है। सूबे की प्रतिष्ठित वाराणसी नगर निगम सीट पर पार्टी ने पांचवीं बार कब्जा किया है। पार्टी प्रत्याशी मृदुला जायसवाल नगर निगम की पांचवी और पिछड़े वर्ग से दूसरी महिला मेयर चुनी गई।
लगातार जीत से पार्टी में काफी उत्साह है। नगर निगम से पहले नगर महापालिका थी, तब यहां 1960 से 1994 तक नगर प्रमुख हुआ करते थे। इसके बाद 1995 में नगर निगम बनने के बाद मेयर पद की सीट सामान्य थी और भाजपा ने सरोज सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था और जीत मिली थी।
इसके बाद अमरनाथ यादव, कौशलेंद्र सिंह भी पिछड़े वर्ग से मेयर चुने गए थे। वर्ष 2012 के चुनाव में राम गोपाल मोहले भी भाजपा से मेयर पद के लिए चुने गए थे।
वर्ष 1995 से लगातार पार्टी महापौर सीट पर काबिज रही। इस बार भी कांग्रेस, सपा और बसपा महापौर सीट पर भाजपा केगढ़ को नहीं तोड़ पाए। चुनाव प्रचार में बसपा से तो कोई बड़ा नेता नहीं आया लेकिन सपा के कई दिग्गज मैदान में उतरे थे।
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इसमें सपा केपूर्व मंत्री अहमद हसन, दुर्गा प्रसाद यादव, टीवी कलाकार सारा खान ने सपा केलिए वोट मांगे थे। वहीं कांग्रेस से राजबब्बर से लेकर कई नेताओं ने चुनाव प्रचार में जोर लगाया था। इसके बाद भी भाजपा का किला फतह नहीं कर सके।
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लगातार जीत से पार्टी में काफी उत्साह है। नगर निगम से पहले नगर महापालिका थी, तब यहां 1960 से 1994 तक नगर प्रमुख हुआ करते थे। इसके बाद 1995 में नगर निगम बनने के बाद मेयर पद की सीट सामान्य थी और भाजपा ने सरोज सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था और जीत मिली थी।
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इसके बाद अमरनाथ यादव, कौशलेंद्र सिंह भी पिछड़े वर्ग से मेयर चुने गए थे। वर्ष 2012 के चुनाव में राम गोपाल मोहले भी भाजपा से मेयर पद के लिए चुने गए थे।
वर्ष 1995 से लगातार पार्टी महापौर सीट पर काबिज रही। इस बार भी कांग्रेस, सपा और बसपा महापौर सीट पर भाजपा केगढ़ को नहीं तोड़ पाए। चुनाव प्रचार में बसपा से तो कोई बड़ा नेता नहीं आया लेकिन सपा के कई दिग्गज मैदान में उतरे थे।
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इसमें सपा केपूर्व मंत्री अहमद हसन, दुर्गा प्रसाद यादव, टीवी कलाकार सारा खान ने सपा केलिए वोट मांगे थे। वहीं कांग्रेस से राजबब्बर से लेकर कई नेताओं ने चुनाव प्रचार में जोर लगाया था। इसके बाद भी भाजपा का किला फतह नहीं कर सके।
एक नजर में अब तक महापौर
मतगणना
सरोज सिंह- 30 नवंबर 1995 से 29 नवंबर 2000
अमर नाथ यादव-30 नवंबर 2000 से 20 जनवरी 2006
कौशलेंद्र सिंह-17 नवंबर से 2006 से 19 जुलाई 2012
राम गोपाल मोहले- 20 जुलाई 2012 से 16 अगस्त 2017
कुंज बिहारी गुप्त- एक फरवरी से 1960-30 अप्रैल 1962 तक
बृजपाल दास- एक अप्रैल 1962 से 31 जनवरी 1966 तक
श्याम मोहन अग्रवाल-पांच जुलाई 1968 से पांच जुलाई 1970 तक
सरजू प्रसाद दूबे-छह जुलाई 1970 से पांच जुलाई 1971 तक
पूरन चंद्र पाठक-छह जुलाई 1971 से 30 जून 1973 तक
मो. स्वालेह अंसारी- 12 फरवरी 1989- पांच फरवरी 1994
अमर नाथ यादव-30 नवंबर 2000 से 20 जनवरी 2006
कौशलेंद्र सिंह-17 नवंबर से 2006 से 19 जुलाई 2012
राम गोपाल मोहले- 20 जुलाई 2012 से 16 अगस्त 2017
कुंज बिहारी गुप्त- एक फरवरी से 1960-30 अप्रैल 1962 तक
बृजपाल दास- एक अप्रैल 1962 से 31 जनवरी 1966 तक
श्याम मोहन अग्रवाल-पांच जुलाई 1968 से पांच जुलाई 1970 तक
सरजू प्रसाद दूबे-छह जुलाई 1970 से पांच जुलाई 1971 तक
पूरन चंद्र पाठक-छह जुलाई 1971 से 30 जून 1973 तक
मो. स्वालेह अंसारी- 12 फरवरी 1989- पांच फरवरी 1994