फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   UP News : Dev Deepawali will be celebrated on November 7

Dev Deepawali : सात नवंबर को मनाई जाएगी देव दीपावली, आयोजन की तैयारियां शुरू

Fri, 16 Sep 2022 10:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 16 Sep 2022 10:03 AM IST
सार

UP News : चंद्रग्रहण के कारण देव दीपावली व गंगा महाआरती महोत्सव सात नवंबर को ही मनाया जाएगा। काशी विद्वत परिषद और ज्योतिषविदों के परामर्श के बाद आरती समितियों ने यह निर्णय लिया है। केंद्रीय देव दीपावली महासमिति, गंगा सेवा निधि, गंगोत्री सेवा समिति, जय मां गंगा सेवा समिति ने देव दीपावली के आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

विज्ञापन
UP News : Dev Deepawali will be celebrated on November 7
देव दीपावली file pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंद्रग्रहण के कारण देव दीपावली व गंगा महाआरती महोत्सव सात नवंबर को ही मनाया जाएगा। काशी विद्वत परिषद और ज्योतिषविदों के परामर्श के बाद आरती समितियों ने यह निर्णय लिया है। केंद्रीय देव दीपावली महासमिति, गंगा सेवा निधि, गंगोत्री सेवा समिति, जय मां गंगा सेवा समिति ने देव दीपावली के आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

विज्ञापन


यह जानकारी केंद्रीय देव दीपावली महासमिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र, गंगा सेवा निधि के मुख्य संरक्षक श्याम लाल सिंह, अध्यक्ष सुशांत मिश्र, गंगोत्री सेवा समिति के सचिव पं. दिनेश शंकर दूबे, जय मां गंगा सेवा समिति के श्रवण कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप पत्रकार वार्ता में दी। आचार्य वागीश दत्त मिश्र ने बताया कि चंद्रग्रहण के दिन हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। सुबह से अगले दिन तक हजारों लोग मां गंगा के तट पर ही रहते हैं। 
विज्ञापन


उन्होंने बताया, सात नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा अपराह्न 3:54 बजे से आरंभ होगी और आठ नवंबर को अपराह्न 3:53 बजे तक रहेगी। उस दिन वैकुंठ चतुर्दशी का पर्व है। आठ नवंबर को चंद्रग्रहण होने के कारण उस काल में भोग और आरती संभव नहीं है। इसलिए सात नवंबर को देव दीपावली व गंगा आरती महोत्सव मनाना शास्त्रोक्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह निर्णय काशी के धर्माचार्य, संत, महात्मा, ज्योतिषविदों और काशी विद्वत परिषद से विचार विमर्श के बाद लिया गया है। कार्तिक पूर्णिमा व चंद्रग्रहण का मुहूर्त अलग-अलग होने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा में सेवा समितियों व प्रशासन को असुविधा नहीं होगी। 


ग्रहण का सूतक काल
सूतक काल प्रात: 8:10 बजे से प्रारंभ हो रहा है एवं इसका मोक्ष सायं 6:19 बजे हो रहा है। इसके स्नान, ध्यान व दान होता है। शास्त्रानुसार ग्रहण काल में न तो आरती कर सकते हैं और न ही भोग लगा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed