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UP Crime : हनी सिंह की मुश्किलें बढ़ीं..., रंगदारी के मुकदमे में संगठित अपराध की धारा बढ़ी; दर्ज हैं 36 केस

Thu, 23 Jan 2025 11:41 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 23 Jan 2025 11:41 PM IST
सार

वाराणसी के टॉप-10 बदमाशों की सूची में शामिल अभिषेक सिंह उर्फ हनी आपराधिक इतिहास के आधार पर रंगदारी के मुकदमे में बीएनएस की धारा 111 बढ़ाई गई है। पुलिस ने पत्रकारवार्ता कर इसकी जानकारी दी।

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UP Crime criminal Honey Singh section of organized crime increased extortion case registered
अभिषेक सिंह उर्फ हनी। - फोटो : पुलिस

विस्तार

जिले के टॉप-10 बदमाशों की सूची में शुमार और कैंट थाने के हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ हनी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला जेल में बंद हनी के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज रंगदारी के मुकदमे में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 यानी संगठित अपराध का आरोप भी बढ़ा दिया है।

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कमिश्नरेट की पुलिस के अनुसार नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 किसी बदमाश के खिलाफ पहली बार इस्तेमाल की गई है। वहीं, पुलिस डोजियर के अनुसार हनी के खिलाफ रंगदारी और हत्या सहित अन्य आरोपों में 36 मुकदमे दर्ज हैं।
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पांडेयपुर निवासी अभिषेक सिंह उर्फ हनी गत 17 जनवरी को रंगदारी के 12 साल पुराने मामले में अदालत में पेश हुआ था। अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। हनी ने वारंट निरस्तीकरण का प्रार्थना पत्र दिया था। मगर, अदालत ने हनी का प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए उसे जेल भेज दिया था।
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17 जनवरी को ही नई बस्ती, पांडेयपुर निवासी अरविंद सिंह ने कैंट थाने की पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2019 के अपने मुकदमे की पेशी के संबंध में कचहरी आए थे। कचहरी परिसर में हनी ने उनसे एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर उसने जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर कैंट थाने में हनी के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

उधर, एसीपी कैंट विदुष सक्सेना ने बताया कि अरविंद सिंह के द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना सब इंस्पेक्टर आशीष श्रीवास्तव कर रहे हैं। हनी के आपराधिक इतिहास के आधार पर रंगदारी के मुकदमे में बीएनएस की धारा 111 बढ़ाई गई है।

आईपीएसी में नहीं था संगठित अपराध से संबंधित प्रावधान
डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीना ने बताया कि 30 जून 2023 तक लागू रही भारतीय दंड संहिता (आईपीएसी) में संगठित अपराध से संबंधित प्रावधान नहीं था। एक जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता लागू हुई। बीएनएस में पुरानी धाराओं के साथ कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं, उन्हीं में से एक धारा 111 भी है। 

संगठित अपराध एक गंभीर अपराध है, इसमें कई लोग मिलकर एकसाथ अपराध करते हैं। इन अपराधों में रंगदारी, डकैती, हत्या, तस्करी और अन्य अपराध शामिल हैं। धारा 111 का उद्देश्य संगठित अपराध को रोकना और इसमें शामिल व्यक्तियों को दंडित करना है।

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