दमदार और शानदार: भौकाल जमाने के लिए पूर्वांचल में नेताओं को भा रही महंगी गाड़ियां, ऑटोमोबाइल सेक्टर बमबम
यूं तो नेता लोग महंगी से महंगी कार रख सकते हैं, लेकिन कुछ कारें ऐसी हैं, जो उनके लिए सदाबहार बन चुकीं हैं। इन धाकड़ कारों को नेताओं के बीच खासा पसंद किया जाता है। प्रचार-प्रसार से लेकर जनसंपर्क अभियानों तक नेता इन कारों में दिख रहे हैं।
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पूर्वांचल में अपना दमखम और भौकाल जमाने के लिए नेता महंगी गाड़ियों की सवारी कर रहे हैं। विधनसभा के चुनावी मैदान में उतरे अधिकतर नेताओं की पहली पसंद इस समय फॉर्च्यूनर बनी हुई है। यही कारण है कि विधानसभा चुनाव में चार पहिया गाड़ियों की बिक्री ने रफ्तार भी पकड़ लिया है।
भौकाल टाइट रखने के लिए उम्मीदवार अपने संग काफिले में लग्जरी वाहनों में फार्च्यूनर जरूर शामिल कर रहे हैं। पांच से 10 गाड़ियों से किसी का काफिला कम नहीं है। कुछ नेता तो 15 से 20 गाड़ियों को साथ लेकर क्षेत्र में प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं। सबसे अधिक मांग पूर्वांचल में फार्च्यूनर, स्कार्पियो और सफारी, इंडिवर और पजेरो जैसी गाड़ियों की है।
दूसरे शहर से मंगाए जा रहे वाहन
बनारस के अलावा चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया और मिर्जापुर, भदोही में फॉर्च्यूनर की जबरदस्त मांग है। डिलिवरी समय पर नहीं मिल पा रही है। प्रयागराज, लखनऊ और अन्य महानगरों से भी गाड़ियां मंगवाई जा रही हैं।
एक ही दिन में तीन फॉर्च्यूनर बुक
पूर्वांचल में अपना प्रभाव रखने वाले अधिकतर नेता और राजनीतिक पार्टियों से जुड़े पदाधिकारी फॉर्च्यूनर से ही चल रहे हैं। काफिले में समर्थकों को चलने के लिए वह स्कॉर्पियो, सफारी जैसी गाड़ियों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। चंदौली में एक नेता ने तो एक ही दिन में तीन फॉर्च्यूनर बुक कराई।
यही हाल शिवपुर विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरे एक नेता प्रचार में पिछड़ते देखा तो दो फॉर्च्यूनर और एक स्कार्पियो बुक कराई। आटोमोबाइल्स सेक्टर से जुड़े कारोबारियों के अनुसार पूर्वांचल से गाड़ियों की बहुत मांग है, हाल यह है कि गाड़ियों की डिलिवरी समय से नहीं कर पा रहे हैं। इसमें वैवाहिक लग्न होने के चलते पहले से बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को ही समय से डिलिवरी मिल पा रही है।
एक माह में बिकी 40 फॉर्च्यूनर
गोयनका मोटर्स के अधिष्ठाता राजेंद्र गोयनका के अनुसार पूर्वांचल के नेताओं में फॉर्च्यूनर का क्रेज बहुत है। पिछले एक माह में 40 गाड़ियाें की डिलिवरी दी गई, हालांकि मांग के सापेक्ष यह बहुत कम है। कंपनी की ओर से गाड़ियों की सप्लाई बहुत धीरे है। गाड़ियों की वेटिंग का हाल यह है कि तीन से चार माह तक इंतजार करना पड़ रहा है।
30 दिन में निकली 42 स्कॉर्पियो
राज महिंद्रा के प्रबंधक अहमद रिजवी बताते हैं कि स्कॉर्पियो की मांग इतनी है कि हम उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। एक माह में 42 गाड़ियों की डिलिवरी ग्राहकों को दी गई। जबकि तीन से चार माह की वेटिंग है। पहले जहां 70 स्कार्पियो निकलती थी अब गाड़ियां कंपनियों की ओर से नहीं मिलने के कारण 40 से 50 पर आकर अटक गई है।
इन नेताओं के पास 20-20 फॉर्च्यूनर
चंदौली में वर्तमान एक विधायक के पास ब्लैक कलर की 8 से 10 फॉर्च्यूनर है। इनकी संख्या इस समय चुनावी दौर में अब बढ़ गई है। काफिले में अब इनकी संख्या दोगुनी हो चुकी है। विधायक को देख अन्य नेताओं ने भी अपने काफिले में फॉर्च्यूनर को जोड़ लिया है।
वहीं बलिया एक विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरे एक उम्मीदवार के काफिले में इस समय 20 फॉर्च्यूनर है। सभी ब्लैक कलर की ही है। बलिया में अब अन्य नेताओं ने भी अपने काफिले में दो से तीन फॉर्च्यूनर को शामिल किया है।