अपनी ही सरकार के खिलाफ 24 से अनशन पर बैठेंगे यूपी के कैबिनेट मंत्री राजभर
सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से मंत्री ने कहा कि 29 को गाजीपुर में प्रधानमंत्री राजभरों की रैली को संबोधित करने जा रहे हैं। उसमें बुलाया जाएगा तो भी नहीं जाऊंगा। इसके पहले भी पीएम की कई रैलियां पूर्वांचल में हुई हैं, जहां उन्हें नहीं बुलाया गया था। कहा कि एससी/एसटी के चलते भाजपा दूसरे राज्यों में चुनाव हारी है और आगे भी हारेगी।
इस्तीफा देने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि भाजपा निकालना चाहे तो निकाल दे। मैं छोड़ने वाला नहीं हूं। राहुल गांधी के चौकीदार चोर हैं के सवाल पर कहा कि एक चोर दूसरे को चोर कह रहा है। कहा कि सपा, बसपा का गठबंधन हुआ तो भाजपा साफ हो जाएगी। 27 प्रतिशत आरक्षण का बंटवारा कर देंगे तो लड़ाई में रहेंगे।
किसानों की हालत पर कहा कि डाई, यूरिया फास्फेट के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। किसानों का लागत मूल्य बढ़ा जबकि आय नहीं बढ़ी। राफेल के सवाल पर कहा कि मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार का ड्रामा किया जाता है। यहां से कैबिनेट मंत्री जमानियां गाजीपुर के लिए रवाना हो गए।
योगी सरकार के दो मंत्री आमने-सामने
गाजीपुर में 29 दिसंबर को होने वाली राजभरों की रैली को लेकर भाजपा और सुभासपा अपने-अपने वोट बैंक को सहेजने में जुट गई हैं। रैली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। राजभरों के वोट वैंक के लिए योगी सरकार के दो मंत्री आमने सामने हैं।
रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा के स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री अनिल राजभर तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं तो वहीं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपना किला बचाने की जुगत में हैं। रैली की तैयारियों को लेकर हलचल बढ़ गई है।
ओमप्रकाश राजभर की पार्टी का दावा है कि राजभरों को सुहेलदेव के नाम पर डाक टिकट जारी कर झुनझुना पकड़ाया जा रहा है, जबकि सपा से भाजपा में शामिल अनिल राजभर की विश्वसनीयता को लेकर राजभर समाज निश्चिंत नहीं है। हालांकि अनिल राजभर पूरे पूर्वांचल में जनसंपर्क कर राजभरों को एकजुट कर रहे हैं।