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UP Election 2022: वाराणसी में महिलाओं ने की चुनावी चर्चा, पढ़िए किसने क्या कहा?
Thu, 16 Dec 2021 12:45 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:45 AM IST
सार
पूर्वांचल के सात अलग-अलग जिलों से होते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुधवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी पहुंचा। यहां चाय पर चर्चा, युवाओं से बात के बाद महिलाओं से चुनावी मुद्दों पर चर्चा हुई। बड़ी संख्या में शामिल महिलाओं ने खुलकर अपने मुद्दे बताए।
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वाराणसी में चुनावी मुद्दों पर चर्चा करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' वाराणसी में महिलाओं के बीच पहुंचा। यहां महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विकास, सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। पढ़िए किसने क्या कहा?
विकास और रोजगार के मुद्दे पर क्या है राय?
समाजसेविका डॉ. सुनीता ढोंगरे ने बेटियों के शिक्षा व्यवस्था के बारे में बताया। कहा कि मौजूदा सरकार शिक्षा स्तर पर बहुत ध्यान दे रही है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान चल रहा है। सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। डॉ. सुनीता ने कहा कि सरकार को रोजगार के दिशा में काम करने की जरूरत है। खासतौर पर गरीब वर्ग को रोजगार मिले, इसकी कोशिश करनी चाहिए।
डीएवी पीजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पारूल जैन ने कहा कि पहले के मुकाबले महिलाओं को काफी सहूलियत मिली है। स्कूल और कॉलेज में महिलाओं को मौका दिया जा रहा है। डॉ. पारूल के मुताबिक, रोजगार के लिए युवाओं में स्किल डेवलपमेंट की जरूरत है। एंटरप्रिन्योरशिप की तरफ युवाओं को बढ़ना चाहिए। स्टार्टअप इंडिया व अन्य योजनाओं की तरफ युवाओं को ध्यान देना चाहिए।
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सुनिधि शुक्ला ने कहा कि मौजूदा सरकार ने बेटियों के लिए काफी काम किया है। पहले के मुकाबले अब बेटियां ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं। सुनिधि के मुताबिक, अभी बेटियों के साथ जो घटनाएं होती हैं, उनमें ज्यादातर जानने वाले ही अपराधी होते हैं। अगर भेड़िया घर में ही होगा तो फिर बेटियों को कैसे बचाया जा सकता है। इसे खत्म करने के लिए सामाज में जागरूकता लाया जाना चाहिए। शिक्षा के जरिए ही इसे रोका जा सकता है। सुनिधि ने कहा कि अब राइट टू एजुकेशन के तहत गरीब वर्ग के बच्चे भी कॉन्वेंट एजुकेशन हासिल कर रहे हैं।
76 साल की लक्ष्मी ढोंगरे ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। कहा कि मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि यहां की संकरी गलियां चौड़ी हो जाएंगी। ये असंभव था। बनारस अब काफी बदल गया है।
उद्यमिता पर क्या बोलीं महिलाएं?
समाजसेविका नूतन रंजन ने कहा कि सरकार ने कई तरह की योजनाएं शुरू की हैं। इन्हें नीचे स्तर तक पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। वाणी भारद्वाज ने कहा कि वाराणसी में बहुत सारी संस्थाएं हैं जो उद्यमिता को आगे बढ़ा रहीं हैं। महिलाओं को वोकेशनल ट्रेनिंग देते हैं। वाणी ने बताया कि वाराणसी को बदलते हुए उन्होंने देखा है। यहां काफी विकास कार्य हुए हैं। वाणी ने महिलाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया। कहा कि महिलाओं को रोजगार मिलेगा तो वह खुद से सशक्त हो जाएंगी।
28 साल विदेश में रहने वाली शीला सिंह ने कहा, 'मैं ऑस्ट्रेलिया एयरलाइंस में काम करती थी। मैंने वाराणसी को बदलते हुए देखा। मोदी ने पूरे बनारस को बदल दिया। यहां काफी अच्छा काम हुआ है।' शीला ने कहा कि वाराणसी में महिलाओं के लिए रोजगार की काफी संभावनाएं है।
उर्मिला मिश्रा ने कहा कि पहले महिलाएं बहुत ज्यादा पिछड़ी थीं। अब सशक्त हो गईं हैं। अब महिलाएं हर क्षेत्र में कार्य कर रहीं हैं। अभी कुछ कमियां हैं, उसे दूर किया जा रहा है। हैंडबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी विभव सिंह ने बताया कि मौजूदा सरकार ने खिलाड़ियों को काफी सम्मान दिलाया है। हर क्षेत्र में खिलाड़ियों को नौकरी मिली है। यहां दो स्टेडियम है जबकि एक और बन रहा है।
शिक्षिका स्वाति ने कहा कि निचले स्तर की महिलाओं में जागरूकता की कमी है। गरिमा श्रीवास्तव ने कहा कि वाराणसी में सुरक्षा है। हालांकि, रात में अकेले निकलने में थोड़ा डर जरूर लगता है।
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विकास और रोजगार के मुद्दे पर क्या है राय?
समाजसेविका डॉ. सुनीता ढोंगरे ने बेटियों के शिक्षा व्यवस्था के बारे में बताया। कहा कि मौजूदा सरकार शिक्षा स्तर पर बहुत ध्यान दे रही है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान चल रहा है। सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। डॉ. सुनीता ने कहा कि सरकार को रोजगार के दिशा में काम करने की जरूरत है। खासतौर पर गरीब वर्ग को रोजगार मिले, इसकी कोशिश करनी चाहिए।
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डीएवी पीजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पारूल जैन ने कहा कि पहले के मुकाबले महिलाओं को काफी सहूलियत मिली है। स्कूल और कॉलेज में महिलाओं को मौका दिया जा रहा है। डॉ. पारूल के मुताबिक, रोजगार के लिए युवाओं में स्किल डेवलपमेंट की जरूरत है। एंटरप्रिन्योरशिप की तरफ युवाओं को बढ़ना चाहिए। स्टार्टअप इंडिया व अन्य योजनाओं की तरफ युवाओं को ध्यान देना चाहिए।
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सुनिधि शुक्ला ने कहा कि मौजूदा सरकार ने बेटियों के लिए काफी काम किया है। पहले के मुकाबले अब बेटियां ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं। सुनिधि के मुताबिक, अभी बेटियों के साथ जो घटनाएं होती हैं, उनमें ज्यादातर जानने वाले ही अपराधी होते हैं। अगर भेड़िया घर में ही होगा तो फिर बेटियों को कैसे बचाया जा सकता है। इसे खत्म करने के लिए सामाज में जागरूकता लाया जाना चाहिए। शिक्षा के जरिए ही इसे रोका जा सकता है। सुनिधि ने कहा कि अब राइट टू एजुकेशन के तहत गरीब वर्ग के बच्चे भी कॉन्वेंट एजुकेशन हासिल कर रहे हैं।
76 साल की लक्ष्मी ढोंगरे ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। कहा कि मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि यहां की संकरी गलियां चौड़ी हो जाएंगी। ये असंभव था। बनारस अब काफी बदल गया है।
उद्यमिता पर क्या बोलीं महिलाएं?
समाजसेविका नूतन रंजन ने कहा कि सरकार ने कई तरह की योजनाएं शुरू की हैं। इन्हें नीचे स्तर तक पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। वाणी भारद्वाज ने कहा कि वाराणसी में बहुत सारी संस्थाएं हैं जो उद्यमिता को आगे बढ़ा रहीं हैं। महिलाओं को वोकेशनल ट्रेनिंग देते हैं। वाणी ने बताया कि वाराणसी को बदलते हुए उन्होंने देखा है। यहां काफी विकास कार्य हुए हैं। वाणी ने महिलाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया। कहा कि महिलाओं को रोजगार मिलेगा तो वह खुद से सशक्त हो जाएंगी।
28 साल विदेश में रहने वाली शीला सिंह ने कहा, 'मैं ऑस्ट्रेलिया एयरलाइंस में काम करती थी। मैंने वाराणसी को बदलते हुए देखा। मोदी ने पूरे बनारस को बदल दिया। यहां काफी अच्छा काम हुआ है।' शीला ने कहा कि वाराणसी में महिलाओं के लिए रोजगार की काफी संभावनाएं है।
उर्मिला मिश्रा ने कहा कि पहले महिलाएं बहुत ज्यादा पिछड़ी थीं। अब सशक्त हो गईं हैं। अब महिलाएं हर क्षेत्र में कार्य कर रहीं हैं। अभी कुछ कमियां हैं, उसे दूर किया जा रहा है। हैंडबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी विभव सिंह ने बताया कि मौजूदा सरकार ने खिलाड़ियों को काफी सम्मान दिलाया है। हर क्षेत्र में खिलाड़ियों को नौकरी मिली है। यहां दो स्टेडियम है जबकि एक और बन रहा है।
शिक्षिका स्वाति ने कहा कि निचले स्तर की महिलाओं में जागरूकता की कमी है। गरिमा श्रीवास्तव ने कहा कि वाराणसी में सुरक्षा है। हालांकि, रात में अकेले निकलने में थोड़ा डर जरूर लगता है।