वाराणसी: सॉल्वर की मदद से पास की दरोगा भर्ती की परीक्षा, फिजिकल टेस्ट में पकड़ा गया
यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सॉल्वर की मदद से परीक्षा पास की थी। फिजिकल टेस्ट में कलई खुल गई।
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यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा में सॉल्वर की मदद से पास होकर आए अभ्यर्थी को फिजिकल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन के दौरान गिरफ्तार किया। दरोगा बनने आया अभ्यर्थी अपना पूरा नाम भी हलफनामा पर सही नहीं लिख सका। जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी की जगह पर सॉल्वर ने पेपर हल किया था। आरोपी अभ्यर्थी से देर रात तक कैंट पुलिस ने पूछताछ की।
नवंबर से दिसंबर 2021 तक जिले के विभिन्न केंद्रों पर हुए यूपी एसआई भर्ती परीक्षा के पास अभ्यर्थियों का 25 से 28 अप्रैल के बीच दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक दक्षता टेस्ट होना है। पहले दिन कमिश्नरेट के पुलिस लाइन में अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक दक्षता टेस्ट शुरू हुआ।
बायोमैट्रिक पहचान में खुली कलई
इस दौरान संत कबीरनगर के बारीहडीह निवासी सेनपाल सिन्हा पर पुलिसकर्मियों को शक हुआ। बायोमैट्रिक में उसका फिंगर प्रिंट मैच नहीं किया और दस्तावेज सत्यापन के दौरान हलफनामा पर वह अपना नाम ठीक से नहीं लिख सका। शंका पर पुलिस कर्मियों ने सेनपाल सिन्हा को हिरासत में पूछताछ शुरू की।
इसी बीच कैंट एसीपी राम लखन सिंह यादव और कैंट इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने अभ्यर्थी से रात तक पूछताछ की। पुलिस के अनुसार यह ताज्जुब वाली बात है कि जिस अभ्यर्थी को अपना नाम सही ढंग से लिखना नहीं आता है वह कैसे दरोगा भर्ती की परीक्षा पास की। गहन छानबीन के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
80 हजार में सॉल्वर से दिलवाया था लिखित परीक्षा
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार पुलिस की पूछताछ में सेनपाल ने बताया कि दरोगा भर्ती की परीक्षा उसने सॉल्वर बिहार पटना निवासी सोनू से दिलवाया था, इसके एवज में सोनू ने 80 हजार रुपये लिए थे।
पुलिस आयुक्त के अनुसार सॉल्वर गिरोह के बारे में अधिक जानकारियां जुटाई जा रही है। वहीं पुलिस की दो टीमें जल्द ही पटना भेजी जाएंगी। वहीं, संत कबीरनगर पुलिस से भी संपर्क साधा गया, सेनपाल के बारे में और जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।