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एक लाख 56 हजार बच्चों के खातों में पहुंची यूनिफार्म की धनराशि
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जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में पढ़ने वाले एक लाख 56 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में शनिवार को डीबीटी के माध्यम से यूनिफार्म व जूता-मोजा का पैसा पहुंच गया। लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाइव प्रसारण के जरिये विभिन्न जिलों में इसकी शुरुआत की। इस दौरान बीएसए कार्यालय में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने आठ छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को यूनिफार्म व जूता मोजा भेजने के लिए शासन ने नई प्रक्रिया की शुरुआत की थी। जिसके तहत जिले के दो लाख 22 हजार बच्चों को दो यूनिफार्म, बैग, जूता-मोजा के साथ ही स्वेटर खरीदने के लिए उनके अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये शासन द्वारा भेजे जाने थे। शनिवार को शासन द्वारा इसकी शुरुआत कर दी गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिले के सेवापुरी मॉडल की सराहना करते हुए उसे प्रदेश स्तर पर लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक में जनसहयोग से स्मार्ट क्लास, हैंडवाश व अन्य चीजों की सुविधाएं मुहैया कराई गई, ये प्रदेश के लिए एक मॉडल बन सकता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश ने बताया कि प्रथम चरण में एक लाख 56 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि हस्तांरित कर दी गई है। 66 हजार अभिभावकों के खाते में धनराशि एक सप्ताह के भीतर भेज दी जाएगी।
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परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को यूनिफार्म व जूता मोजा भेजने के लिए शासन ने नई प्रक्रिया की शुरुआत की थी। जिसके तहत जिले के दो लाख 22 हजार बच्चों को दो यूनिफार्म, बैग, जूता-मोजा के साथ ही स्वेटर खरीदने के लिए उनके अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये शासन द्वारा भेजे जाने थे। शनिवार को शासन द्वारा इसकी शुरुआत कर दी गई।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिले के सेवापुरी मॉडल की सराहना करते हुए उसे प्रदेश स्तर पर लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक में जनसहयोग से स्मार्ट क्लास, हैंडवाश व अन्य चीजों की सुविधाएं मुहैया कराई गई, ये प्रदेश के लिए एक मॉडल बन सकता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश ने बताया कि प्रथम चरण में एक लाख 56 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि हस्तांरित कर दी गई है। 66 हजार अभिभावकों के खाते में धनराशि एक सप्ताह के भीतर भेज दी जाएगी।
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