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लावारिस बैग मिले, तीन घंटे तक सनसनी
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
Updated Mon, 10 Oct 2016 09:42 AM IST
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नेवादा में मिले लावारिस बैग की जांच करती पुलिस।
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आतंकी हमले के इनपुट और हाई अलर्ट की घोषणा के बीच शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था के प्रति पुलिस की तैयारियों और गंभीरता की कलई खुल गई। लंका थाना क्षेत्र के सुंदरपुर के एक व्यावसायिक कांप्लेक्स में दो लावारिस बैग मिले। मगर, बम निरोधक दस्ता थानेदार की सूचना के तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचा। दोनों बैग खंगाले गए तो उनमें इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग से संबंधित सामान निकले तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली। त्योहारों के संवेदनशील माहौल में पुलिस की यह कार्यशैली उसकी सतर्कता पर सवाल खड़े करती है।
सुंदरपुर में तीन मंजिले व्यावसायिक कांप्लेक्स में बैंक, एटीएम, दूकानें और कोचिंग संस्थान हैं। शनिवार को 11 बजे कांप्लेक्स के पिछले हिस्से में भूतल पर सीढ़ी के नीचे काले रंग के दो बैग चौकीदार शिवदास को दिखे। सूचना पाकर लंका थानाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्र ने रामनगर पीएसी के बम निरोधक दस्ते को जानकारी दी और मौके पर पहुंचे। कांप्लेक्स और आसपास के इलाके को खाली कराकर पुलिस बीडीएस का इंतजार करने लगी। मगर, बीडीएस तीन घंटे बीस मिनट बाद 2:20 बजे मौके पर पहुंचा। दोनों बैग खंगाले गए तो उनमें इलेक्ट्रिक मीटर, सोल्डिंग आयरन, फ्यूज और बिजली बिल की दो सौ से ज्यादा पर्चियां थीं। संभावना जताई गई कि दोनों बैग किसी बिजली मिस्त्री के हो सकते हैं।
इससे पहले कांप्लेक्स और आसपास रहने वालों के साथ ही लंका थाने के पुलिसकर्मी भी दहशत में रहे। लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि शहर का ट्रैफिक व्यस्त होने के कारण उन्होंने पुलिस लाइन और ज्ञानवापी परिक्षेत्र से बीडीएस बुलाने की बजाय रामनगर से बुलवाया। रामनगर से डाफी बाईपास होकर सुंदरपुर आने में अधिकतम आधा घंटा लगता लेकिन बीडीएस ज्यादा देर से पहुंची। सीओ भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचने में बहुत देर लगाई। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजकर लापरवाही की जानकारी दी जाएगी।
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सुंदरपुर में तीन मंजिले व्यावसायिक कांप्लेक्स में बैंक, एटीएम, दूकानें और कोचिंग संस्थान हैं। शनिवार को 11 बजे कांप्लेक्स के पिछले हिस्से में भूतल पर सीढ़ी के नीचे काले रंग के दो बैग चौकीदार शिवदास को दिखे। सूचना पाकर लंका थानाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्र ने रामनगर पीएसी के बम निरोधक दस्ते को जानकारी दी और मौके पर पहुंचे। कांप्लेक्स और आसपास के इलाके को खाली कराकर पुलिस बीडीएस का इंतजार करने लगी। मगर, बीडीएस तीन घंटे बीस मिनट बाद 2:20 बजे मौके पर पहुंचा। दोनों बैग खंगाले गए तो उनमें इलेक्ट्रिक मीटर, सोल्डिंग आयरन, फ्यूज और बिजली बिल की दो सौ से ज्यादा पर्चियां थीं। संभावना जताई गई कि दोनों बैग किसी बिजली मिस्त्री के हो सकते हैं।
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इससे पहले कांप्लेक्स और आसपास रहने वालों के साथ ही लंका थाने के पुलिसकर्मी भी दहशत में रहे। लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि शहर का ट्रैफिक व्यस्त होने के कारण उन्होंने पुलिस लाइन और ज्ञानवापी परिक्षेत्र से बीडीएस बुलाने की बजाय रामनगर से बुलवाया। रामनगर से डाफी बाईपास होकर सुंदरपुर आने में अधिकतम आधा घंटा लगता लेकिन बीडीएस ज्यादा देर से पहुंची। सीओ भेलूपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचने में बहुत देर लगाई। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजकर लापरवाही की जानकारी दी जाएगी।
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