पूर्वांचल के दो हस्तशिल्पियों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
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हस्तशिल्प के क्षेत्र में एक बार फिर से पूर्वांचल का डंका बजा है। पूर्वांचल के दो हस्तशिल्पियों को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के हाथों राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार मिला है। राष्ट्रपति भवन में नौ दिसंबर को आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें पुरस्कार प्रदान किया गया है। पहली बार दो शिल्पियों को सम्मान मिलने पर पूर्वांचल के शिल्पियों में जबरदस्त उत्साह है।
बनारस के गुलाबी मीनाकारी के मास्टर हस्तशिल्पी कुंज बिहारी सिंह तथा निजामाबाद आजमगढ़ निवासी ब्लैक पाटरी के सोहित कुमार प्रजापति को यह सम्मान मिला। दो युवा शिल्पियों को मिले राष्ट्रीय सम्मान से बनारस के हस्तशिल्पियों की दशा और दिशा बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।
जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि आठ जीआई पंजीकृत बौद्धिक संपदा अधिकार उत्पादों के साथ पूर्वांचल देश में प्रथम स्थान पर है। वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से बनारस के 25000 हस्तशिल्पियों के लिए 32 करोड़ रुपये के साथ विशेष हस्तशिल्प मेगाक्लस्टर शुरु किया गया है।
इसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन हो रहा है। इसमें सात क्राफ्ट में गुरु शिष्य परंपरा का प्रशिक्षण भी चल रहा है। शिल्पी अनिल कसेरा, रामवेर सिंह, तरुण सिंह, बलरामदास, जमालुद्दीन अंसारी, नुसरतजहां, काजिमरजा, बच्चालाल मौर्या, रामजतन, अशोक कुमार, विजय, संजय, राजेश, राजकुमार, गौरव, अमित, रामबाबू आदि ने हर्ष व्यक्त किया।