वाराणसी में दर्दनाक हादसा: साड़ी गोदाम में लगी आग, पिता-पुत्र समेत चार जिंदा जले, सीएम योगी ने जताया शोक
वाराणसी के कमच्छा इलाके में गुरुवार को बड़ा हादसा हुआ। इलाके के अशफाक नगर स्थित साड़ी कारखाने में लगी भीषण आग में पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई।
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वाराणसी के कमच्छा स्थित अशफाक नगर कॉलोनी में गुरुवार को साड़ी गोदाम में शार्ट सर्किट के चलते आग से पिता-पुत्र समेत चार लोग जिंदा जल गए। दमकल कर्मियों के पहुंचने पहले ही मोहल्ले के लोगों ने आग पर काबू पाया। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख मुआवजा देने की घोषणा की। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम और भेलूपुर पुलिस ने छानबीन की।
भेलूपुर थाना अंतर्गत रेवड़ी तलाब क्षेत्र के अंसार नगर कॉलोनी निवासी मो. आरिफ जमाल का परिवार साड़ी में पॉलिश आदि का काम करता है। घर से कुछ दूरी पर स्थित अशफाक नगर कॉलोनी में सिराज के दो मंजिला मकान के भूतल पर बने एक हॉल को आरिफ ने किराया पर लेकर उसमें साड़ी का गोदाम बना रखा है।
गुरुवार दिन में करीब पौने 12 बजे कमरे में दरवाजे के पास अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई और कमरे में धुआं भर गया, दूसरा दरवाजा नहीं खुलने से गोदाम में मौजूद आरिफ जमाल (45) व उसका बेटा मो. शाबान (22) और बिहार के अररिया निवासी दो मजदूर एजाज (18) और मुंतशिर (19) की झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई।
लगभग आधे घंटे के बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने मृतक परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। डीसीपी काशी आरएस गौतम, एडीसीपी राजेश पांडेय ने फोरेंसिक टीम संग छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
हो सकता था बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों ने संकरी गली में स्थित मकान के हॉल में पानी डाल कर आग बुझाई और गैस सिलिंडर को बाहर सुरक्षित निकाल लिया। आग किसी और घर में नहीं पहुंची। संकरी गली में आमने-सामने कई घर हैं। कमरे में मौजूद चारों व्यक्तियों की मौत आग बुझने से पहले ही हो गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर शोक जताया है।
संकरी गलियों में बने गोदाम, आग से लड़ने का नहीं है इंतजाम
अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार अशफाक नगर के जिस दो मंजिला मकान के भूतल में आग लगी, उसे गोदाम बनाया ही नहीं जा सकता था। बावजूद साड़ी फिनिशिंग का काम किया जा रहा था, यह बेहद ही सावधानी पूर्वक काम होता है। जरा सी भी चिंगारी बड़ी आग में बदल जाती है।
वहीं मोहल्ले के कुछ लोगों ने बताया कि यहां अधिकतर मकानों में साड़ी व अन्य सामानों के गोदाम बनाए गए हैं। इन मकानों में आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। संकरी गलियों में यदि आग लगती है तो अग्निशमन की गाड़ियों को पहुंचने में काफी देर होती है।
कर्नाटक में रहता है मकान मालिक
भेलूपुर पुलिस के अनुसार अशफाक नगर निवासी सिराज अपने परिवार संग कर्नाटक में रहता है। इस गली में रहने वाले अधिकतर लोग मकान को किराये पर देकर बंगलूरू और सूरत में बस गए हैं। सिराज के दो मंजिला मकान के भूतल में साड़ी फिनिशिंग काम करने वाले आरिफ जमाल के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और दो बेटे हैं। बड़े बेटे और दो बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा शाबान अपने पिता आरिफ के साथ काम धंधे में हाथ बंटाता था। घटना के बाद से परिवार में मातम का माहौल है।