Dev Diwali: देव दीपावली पर पर्यटकों ने खर्च किये 1193 करोड़ रुपये, जमकर की शॉपिंग और चखे बनारसी व्यंजन
पर्यटकों ने काशी भ्रमण पर 421 करोड़ और खाने-पीने पर 540 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। देव दीपावली पर काशी आए पर्यटक अर्धचंद्राकार घाटों पर दीपमाला के साक्षी बने। ये ब्रांड बनारस का ही असर रहा कि पर्यटक होटल के फ्री में मिलने वाले ब्रेकफास्ट को छोड़कर बनारस की गलियों में मिलने वाली कचौड़ी-सब्जी और जलेबी का जायका लिया।
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शिवरंजिनी के तट पर विश्वप्रसिद्ध देव दीपावली देखने पहुंचे सैलानियों ने जमकर शॉपिंग की और बनारसी व्यंजनों का लुत्फ उठाया। भोजन और खरीदारी पर उन्होंने दिल खोलकर खर्च भी किए। वाराणसी घूमने आए करीब आठ करोड़ पर्यटकों ने सिर्फ एक दिन में 1193 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। इसमें सर्वाधिक लजीज व्यंजनों और घूमने पर उन्होंने खर्च किए हैं।
पर्यटकों ने काशी भ्रमण पर 421 करोड़ और खाने-पीने पर 540 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। देव दीपावली पर काशी आए पर्यटक अर्धचंद्राकार घाटों पर दीपमाला के साक्षी बने। ये ब्रांड बनारस का ही असर रहा कि पर्यटक होटल के फ्री में मिलने वाले ब्रेकफास्ट को छोड़कर बनारस की गलियों में मिलने वाली कचौड़ी-सब्जी और जलेबी का जायका लिया। पांच सितारा होटल में रहने वालों ने खानपान के लिए मक्के महाल की संकरी गलियाें के स्ट्रीट फूड को ज्यादा पसंद किया।
काशी से सहेजकर ले गए यादें
काशी आए सैलानियों ने बनारसी यादों की निशानी के तौर पर जीआई उत्पादों की भी खूब खरीदारी की। देव दीपावली परी 223 करोड़ के जीआई उत्पादों की खरीदारी हुई। इसमें बनारसी साड़ी और काशी विश्वनाथ धाम की अनुकृति प्रमुख है। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत के अनुसार देव दीपावली की आभा निहारने के साथ ही पर्यटकों ने जीआई उत्पादों को बड़ा बाजार दे दिया। पर्यटकों ने मेटल क्राफ्ट में पंचपात्र, अन्नपूर्णा की मूर्ति, स्वास्तिक, श्रीयंत्र, लकड़ी के खिलौने, बनारसी साड़ी और लकड़ी से बने काशी विश्वनाथ धाम की अनुकृति की खरीदारी की।
इतने करोड़ यहां खर्च
खानपान पर 540 करोड़
जीआई उत्पाद 232 करोड़
घूमने पर 421 करोड़