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बदलते भारत को जानने जयापुर पहुंचा इटली का दल
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2015 02:02 AM IST
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वाराणसी। भारत के गांवों में रहन-सहन और यहां की संस्कृति को नजदीक से जानने-समझने की जिज्ञासा के साथ इटली के टोरीनो शहर से आए छात्रों और उद्यमियों का दल मंगलवार को जयापुर गांव पहुंचा। विदेशी मेहमान गांव के लोगों से मिले।
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उनके बात की और पूछा कि आखिर एक साल में गांव में ऐसा क्या हुआ जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा है। दल में ज्यादातर महिलाएं थी, लिहाजा उनकी दिलचस्पी गांव की महिलाओं में ज्यादा रही।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव जयापुर की मुसहर बस्ती ‘अटल नगर’ सबके आकर्षण का केंद्र रहा। अटल नगर के बाशिंदों से मुलाकात करने के साथ ही इटैलियन दल ने फोटो सेशन कराया और हैंडपंप चलाकर बागवानी भी की। साथ ही मुसहर परिवार से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से पौधों को पानी दें ताकि उनकी हरियाली बरकरार रहे। दल ने कन्या विद्यालय और नंद घर (आंगनबाड़ी केंद्र) भी देखा और गांव के प्रधान प्रतिनिधि नारायण पटेल से गांव के इतिहास, यहां महिला सशक्तिकरण के लिए चल रहे कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी ली।
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विदेशी मेहमान यह जानने को ज्यादा इच्छुक थे कि भारतीय प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन की यहां क्या प्रगति है। पर्यटन से जुड़ी संस्था ‘इंडो इटैलियन’ की पहल पर इटली से आए दल के अगुवा टीबर स्पानो कहते हैं, ‘हम साल में एक दफा भारत आते हैं।
भारत की संस्कृति, खासकर गंवई संस्कृति हमें आकर्षित करती है। इस देश के बारे में हमने किताबों में जो पढ़ा है, वास्तविकता उससे और बेहतर है। लोग आज भी ईमानदार और मेहनती हैं। दूसरों की मदद को तत्पर रहते हैं।’ दल में शामिल वेनेसिया और क्यारा का कहना था कि भारतीय महिलाएं शारीरिक रूप से भले कमजोर हों मगर उनका आत्मबल मजबूत है। खासकर किसानी के काम में पुरुषों से कहीं ज्यादा उनकी भूमिका दिख रही है। यही महिला सशक्तिकरण की पहचान है।