यूपी: दुष्कर्म मामले में लापरवाही बरतने वालों पर गिरी गाज, एसओ समेत तीन सस्पेंड
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गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में थानाध्यक्ष समेत दो पुलिस कर्मियों को सस्पेंड(निलंबित) कर दिया है। एसपी की इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
कासिमाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में एक हफ्ते पहले अपनी मौसी के घर रह रही तेरह वर्षीय किशोरी के साथ उसी गांव के एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में पीड़िता ने पहले मारपीट की तहरीर दी थी, लेकिन बिना मामले की जांच किए पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर आरोपी युवक को शांतिभंग में चालान कर दिया था। जिसे उप जिलाधिकारी ने जेल भेज दिया था।
उधर पीड़िता किशोरी को सीएचसी से मेडिकल परीक्षण के लिए जिला महिला अस्पताल भेजा गया था। किशोरी दूसरे दिन जिला महिला अस्पताल आई, जहां चिकित्सकों द्वारा परीक्षण में भी दुष्कर्म का मामला सिद्ध होने के बाद मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उक्त धारा में दुष्कर्म का मुकदमा भी जोड़ दिया।
युवक द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आते ही इस प्रकरण को एसपी ने गंभीरता से लेते हुए खुद रविवार की सुबह घटना स्थल का निरीक्षण कर पीड़िता का बयान लिया। पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच करने और पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया स्थानीय पुलिस की लापरवाही सामने आई।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने सोमवार को थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक जयप्रकाश यादव और कांस्टेबल मुंशी विकास सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी डॉ ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि वादिनी की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया था, जो घोर लापरवाही है।