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प्रतापगढ़ में सड़क हादसे में मृत नौ लोगों में तीन वाराणसी के भी, मां-बेटी और नाती राजस्थान से लौट रहे थे घर

Sat, 06 Jun 2020 06:46 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Sat, 06 Jun 2020 06:46 AM IST
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Three people from Varanasi are also kileed among with nine people in a road accident in Pratapgarh
वाराणसी के हुकुलगंज क्षेत्र की रीता, उनकी बेटी शिवांगी और नाती गौरांग। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना के वाजिदपुर परागगर में शुक्रवार को सड़क हादसे में नौ लोगों में जान गवाने वालों में वाराणसी के हुकुलगंज क्षेत्र की रीता गुप्ता (55), उनकी बेटी शिवांगी (30) और नाती गौरांग (5) भी शामिल हैं। पुलिस की सूचना के आधार पर रीता के पति संतोष गुप्ता परिजनों के साथ देर रात प्रतापगढ़ के लिए रवाना हो गए।
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 पंखा व्यापारी संतोष गुप्ता ने बताया कि उनका मकान नाटीइमली क्षेत्र की विजयग्राम कॉलोनी में था, लेकिन मौजूदा समय में वह हुकुलगंज क्षेत्र में रहते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और एक बेटी है। संतोष ने बताया कि उनकी बेटी शिवांगी अपने पति गौरव और बेटे गौरांग के साथ राजस्थान के भिवानी, अलवर में रहती थी। होली के एक हफ्ते पहले पत्नी बेटी के पास भिवानी, अलवर गई थी।
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इसके बाद लॉकडाउन शुरू हो गया तो वह वहीं फंस गई। उन्हें बेटों, बहू, पोतों और घर की चिंता सताने लगी तो वह वापस आने के लिए परेशान हो गईं। दामाद गौरव ने अपने एक परिचित के माध्यम से पत्नी रीता के आने के लिए व्यवस्था बनाई तो बेटी शिवांगी और नाती गौरांग भी साथ आने के लिए तैयार हो गए। संतोष ने बताया कि उन्होंने शिवांगी का विवाह नरायनपुर क्षेत्र के छोटा मिर्जापुर में किया था। पुलिस की सूचना पर बाइक से ही प्रतापगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं।
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सुबह पांच बजे से फोन मिला रहा साहब, न जाने मेरे दामाद कैसे होंगे

संतोष गुप्ता ने कहा कि साहब पत्नी और बेटी के मोबाइल पर सुबह पांच बजे से फोन मिला रहा हूं। कोई जवाब न मिलने पर मन बहुत घबरा रहा था। शाम होते-होते पुलिस से पत्नी, बेटी और नाती के मौत की खबर मिली तो एकबारगी कुछ समझ ही नहीं आया। मेरा क्या है, मैं तो अपनी जिंदगी जी लिया।

सीधे-सादे और नेक इंसान मेरे दामाद की पूरी दुनिया ही उजड़ गई। पता नहीं वह कैसे और किस हाल में होंगे। प्रतापगढ़ पहुंचता हूं तो देखता हूं। ऊपर वाले ने बहुत बुरा किया है। क्या कहें और क्या बताएं कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
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