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बीएचयू: तीन महीने का पुरोहित कोर्स पूरा, दो देशों के 20 लोगों को मिले सर्टिफिकेट

Wed, 28 Jan 2026 04:46 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 28 Jan 2026 04:46 PM IST
सार

Varanasi News: भारत अध्ययन केंद्र और विदेश मंत्रालय की ओर से आईटीईसी प्रोग्राम के तहत विदेशी छात्रों/प्रवासी भारतीय के लिए ये कोर्स शुरू किया गया।

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three-month priesthood course at BHU concluded and certificates awarded to 20 people from two countries
कार्यक्रम को संबोधित करते प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र की ओर से चलाए जा रहे पुरोहित कोर्स : द पूजा का पहला बैच पूरा हो गया। तीन महीने के इस कोर्स में दो देशों के 20 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया। इस दौरान शिक्षा ग्रहण करने वाले प्रतिभागियों ने इस कोर्स के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने की बात कही। जल्द ही इस कोर्स में दूसरे सत्र में दाखिले की शुरुआत भी होगी। 

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भारत अध्ययन केंद्र और विदेश मंत्रालय की ओर से आईटीईसी प्रोग्राम के तहत विदेशी छात्रों/प्रवासी भारतीय के लिए ये कोर्स शुरू किया गया। 28 अक्तूबर 2025 से चल रहे इस कोर्स में फिजी, त्रिनिदाद और टोबैगो देशों के कुल 20 प्रतिभागियों ने शिक्षा ग्रहण की। 
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कोर्स के समापन समारोह में कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने कहा कि यह पाठ्यक्रम भारत अध्ययन केंद्र और कला संकाय की साझी उपलब्धि है। इस प्रकार के अन्य पाठ्यक्रमों को चलाया जाना भी जरूरी है। प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति और सभ्यता का विश्वपटल पर निरंतर विकास हो रहा है। भारत अध्ययन केंद्र इसी कड़ी में सबको वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से जोड़ रहा है। 
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अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. शरदिन्दु कुमार तिवारी ने कर्मकांड की व्यापकता बताई। इस दौरान त्रिनिदाद एवं टोबैगो से डॉ. इन्द्राणी ने पाठ्यक्रम को प्रवासी भारतीयों के लिए उपयोगी बताया। संचालन डॉ. नारायण प्रसाद भट्टराई ने किया। इस दौरान डॉ. अमित कुमार पांडेय, डॉ. ज्ञानेंद्र नारायण राय, डॉ. गीता योगेश भट्ट, डॉ. अराधना मिश्रा आदि छात्र-छात्रा मौजूद रहे।

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