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Varanasi: अग्निवीर बनाने का झांसा देकर पैसे ठगने वाले तीन दोस्त गिरफ्तार, बताया- कैसे आया ठगी का आयडिया

Sat, 25 Mar 2023 10:02 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 25 Mar 2023 10:02 PM IST
सार

भारतीय सेना में अग्निवीर बनाने का झांसा देकर एक युवक से एक लाख 70 हजार रुपये ठगी का मामला सामने आया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। तीनों दोस्त हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

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Three friends who cheated money on pretext of making Agniveer arrested in varanasi
पुलिस की गिरफ्त में ठगी के आरोपी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारतीय सेना में अग्निवीर बनाने का झांसा देकर एक युवक से एक लाख 70 हजार रुपये ठगने के आरोप में तीन आरोपियों को शनिवार को वाराणसी के कैंट थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान सिंधौरा क्षेत्र के कटौना के जयशंकर, गरथवा के विकास मौर्य और गजोखर परसरा के चंदन कुमार के रूप में हुई है। तलाशी में तीनों के पास से 70 हजार रुपये और तीन मोबाइल बरामद हुए। 

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बलिया जिले के रेपुरा गांव का रहने वाला अंशू कुमार यादव बीते वर्ष नवंबर महीने में बनारस में सेना भर्ती रैली में शामिल हुआ था। दौड़ में वह सफल हुआ और मेडिकल टेस्ट में बाहर हो गया था। उसने फिर से भर्ती के लिए आवेदन करने का मन बनाया। जनसेवा केंद्र से उसे पता लगा कि उसकी आईडी और पासवर्ड बनारस स्थित सेना भर्ती कार्यालय से बंद कर दिया गया है।

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एक आरोपी ने खुद को बताया सीओ का ड्राइवर

बीते दो मार्च को वह सेना भर्ती कार्यालय आया था। सेना भर्ती कार्यालय के पास ही उसे जयशंकर मिला। जयशंकर ने अंशू को बताया कि वह सीओ का ड्राइवर है। अंशू को जयशंकर ने आश्वस्त किया कि पिछले साल की रैली में वह दौड़ में सफल हुआ था। इसी आधार पर वह उसका चयन सेना में करा देगा। साथ ही जयशंकर ने शैक्षणिक दस्तावेज भी ले लिया।

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इसके बार धीरे-धीरे अंशू से एक लाख 70 हजार रुपये जयशंकर अपने अकाउंट में मंगवाया। इसके बाद 30 हजार रुपये और मांग रहा था तो अंशू को शक हुआ और उसने कैंट थाने में इसकी शिकायत की। जयशंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सब इंस्पेक्टर सौरभ पांडेय को विवेचना सौंपी गई।

जयशंकर के मोबाइल नंबर और उसके बैंक अकाउंट की मदद से सब इंस्पेक्टर सौरभ पांडेय ने उसे चिह्नित किया। शनिवार को उन्होंने सब इंस्पेक्टर मनीष कुमार मिश्रा और हेड कांस्टेबल सुधीर कुमार सिंह, विजय शंकर व प्रमोद की टीम के साथ जयशंकर और उसके दो दोस्तों चंदन व विकास को इमलिया घाट के पास से गिरफ्तार किया।

तीनों खुद सरकारी नौकरी की कर रहे तैयारी

पुलिस की पूछताछ में जयशंकर ने बताया कि वह और उसके दोनों दोस्त प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। सेना भर्ती के नाम पर बेरोजगारों के साथ होने वाली ठगी के बारे में वह समाचार पत्रों में लगातार पढ़ता रहता था।

उसी से प्रभावित होकर उसने कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में अपने दो दोस्तों के साथ ठगी की योजना बनाई। इसके बाद वह सेना भर्ती कार्यालय के आसपास रोजाना चक्कर काटने लगा। बीते दो मार्च को अंशू यादव उससे टकरा गया तो उसने उसे अपना पहला निशाना बनाया

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