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गुजर गए सालों-साल, सड़कें खस्ताहाल

Sat, 04 Feb 2017 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 04 Feb 2017 01:48 AM IST
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The years have passed, decaying roads
अजगरा विधानसभा क्षेत्र में एक संपर्क मार्ग की यह तस्वीर बता रही विकास की हकीकत।
चंदौली लोकसभा में आने वाले अजगरा विधानसभा क्षेत्र में कैथी स्थित प्रसिद्ध मारकंडेय महादेव मंदिर और गोमती नदी तट पर स्थित बनसत्ती देवी मंदिर आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। ओलंपियन नरसिंह यादव इसी क्षेत्र के नीमा गांव के वाले हैं। इनके अलावा अंतरराष्ट्रीय एथलीट राम सिंह यादव, रानी यादव और यश भारती सम्मान से सम्मानित लालजी पहलवान भी यहीं के हैं। करीब पांच लाख की आबादी वाले इलाके में गोेमती नदी वाराणसी और जौनपुर को जोड़ती है। ग्रामीण क्षेत्र के इस विधानसभा क्षेत्र में ईंट भट्ठों की संख्या भी ज्यादा है।
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नए परिसीमन के बाद 2012 में यह विधानसभा सीट अस्तित्व में आई। सैदपुर, पिंडरा और शिवपुर विधानसभा से थोड़े-थोड़े हिस्से को काट कर बनाया गया है। क्षेत्र में अनुसूचित जाति के सर्वाधिक 120000 मतदाता हैं। 
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क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव ऐसे हैं जो करीब दो महीने तक बाढ़ में डूबे रहते हैं। पिपरी, अजगरा, हरिहरपुर, बर्थरा, रौना गांव के लोग अपने घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर होते हैं। लोगों का कहना है कि पिपरी-हरिहरपुर-बेला मार्ग पर बनी सड़क को ऊॅंचा करने से इस समस्या का हल हो सकता है। क्षेत्र में सड़कें तो बनी लेकिन तीन महीने में ही उखड़ गईं।
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नियार-बेला-पहड़िया और नियार-धरसौना मार्ग उखड़ चुका है। अन्य लिंक मार्ग जर्जर हाल में हैं। गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने पर चोलापुर उपकेंद्र पर अक्सर खराबी आ जाती है। गर्मी भर बिजली की परेशानी रहती है। यही नहीं, गांवों में विधायक निधि से हैंडपंप तक नहीं लगे। भटपुरवा कला के प्रधान धर्मेंद्र सिंह और बुुजुर्ग कमला शर्मा समेत गांव के अन्य लोग कहते हैं कि चुनाव जीतने के बाद से विधायक अब तक गांव में नहीं आए। गांव में जलस्तर घटता रहा है। लोग दूर दराज से पानी ला रहे हैं। विधायक निधि से कोई काम नहीं हुआ। गांव के लोग यह भी कहते हैं कि गांव में यादव बिरादरी नहीं है लेकिन फिर भी इसे लोहिया गांव घोषित किया गया है। प्रदेश सरकार की विकास योजनाएं गांव में चल रही हैं। डीहवा गांव के बबलू, पप्पू और मदन बताते हैं कि ज्यादातर लोगों ने विधायक को देख ही नहीं है तो विकास कार्य कहां से होगा। वहीं विधायक से जुड़े लोगों का कहना है कि यह दुष्प्रचार के अलावा कुछ भी नहीं है।
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