खुलासा: ठग गिरोह ने लखनऊ में कोरियर व्यवसायी को लगाया था एक करोड़ का चूना, नई दिल्ली के बिल्डर को लगाई थी 18 लाख की चपत
वाराणसी निवासी रेशम कंपनी के प्रबंधक अंकित शुक्ला से दो करोड़ की ठगी में गिरफ्तार अंतरराज्यीय ठग गिरोह के मास्टरमाइंड और उसके साथियों के बारे में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
विस्तार
अंतरराज्यीय ठग गिरोह के बारे में बेहद चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। गिरोह के मास्टरमाइंड सचिन शर्मा सहित नौ ठगों ने सात माह पूर्व लखनऊ के सरोजनी नगर निवासी कोरियर व्यवसायी करुणा शंकर उपाध्याय को एक करोड़ रुपये का चूना लगाया था।
कपड़े की फैक्ट्री और कोरियर व्यवसाय से जुड़े करुणा शंकर को सचिन शर्मा ने गूगल इंडिया से सीएसआर के तहत 30 करोड़ का फंड दिलाने का झांसा देकर एक करोड़ रुपये पार कर दिया था। व्यवसायी ने सरोजनी नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि सात माह तक लखनऊ पुलिस गिरोह को पकड़ नहीं सकी।
वहीं, पिछले माह नई दिल्ली के चितरंजन पार्क निवासी बिल्डर को भी 18 लाख रुपये की चपत लगाई थी। दोनों पीड़ितों ने कमिश्नरेट पुलिस से संपर्क किया है। पीड़ितों में अब आस जगी है कि वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस से मदद मिलेगी। पुलिस ने लखनऊ और दिल्ली पुलिस को पत्र के माध्यम से सूचना दी है।
गूगल इंडिया से फंड दिलाने के नाम पर की ठगी
सरोजिनी नगर निवासी व्यवसायी करुणा शंकर उपाध्याय ने अमर उजाला को बताया कि सचिन दत्त शर्मा ने उन्हें गूगल इंडिया से 30 करोड़ का फंड दिलाने का झांसा दिया और अपने नौ साथियों संग मिलकर ऐसा जाल बिछाया कि कुछ समझ नहीं सके। चार से पांच बार में एक करोड़ रुपये लेकर यह गिरोह भाग निकला था।
इससे पहले मेरे एक परिचित को फंसाया था। बताया कि देश भर में इस गिरोह का नेटवर्क फैला है। पांच सितारा होटलों में मीटिंग करते थे और साथ में आठ से दस बाउंसर लेकर चलते थे। सात माह तक सरोजनी नगर थाने की दौड़ लगाने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली। आरोप लगाया कि मुकदमे की विवेचना तक सही ढंग से नहीं की गई। अब वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस से आस जगी है।
बिल्डर का मुकदमा भी दिल्ली पुलिस नहीं दर्ज की थी
रेशम कंपनी के प्रबंधक अंकित शुक्ला से दो करोड़ की ठगी में गिरफ्तार अंतरराज्यीय ठग गिरोह के मास्टरमाइंड अजमेर नगर निगम का निलंबित बाबू सचिन दत्त शर्मा पिछले माह नई दिल्ली के चितरंजन पार्क निवासी बिल्डर को झांसा दिया और 18 लाख रुपये की ठगी की।
हालांकि इस मामले में चितरंजन पार्क थाने में मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया था। आरोपी सचिन शर्मा के बनारस में पकड़े जाने के बाद पीड़ित ने कमिश्नरेट पुलिस से संपर्क किया है। इस मामले में पुलिस आयुक्त ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखा है।
निलंबित बाबू सचिन शर्मा के अपराध का नगर आयुक्त ने मांगा विवरण
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि आरोपियों के बरामद मोबाइल और दस्तावेज की फोरेंसिक जांच में कई जानकारी मिली है। इनके पास से मिले दस्तावेज में रकम के बारे में कहा, कितना, किससे लिया गया है। यह सब दर्ज है। वहीं, अजमेर निगम निगम के आयुक्त ने कमिश्नरेट पुलिस को पत्र भेजकर निलंबित बाबू सचिन शर्मा के अपराध का विवरण मांगा है। आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए बुधवार को कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।