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बिना चीरफाड़ के सर्वाइकल कैंसर के स्टेज का चलेगा पता

Thu, 03 Feb 2022 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 11:00 PM IST
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The stage of cervical cancer will be known without dissection
सर्वाइकल कैंसर की जानकारी अब आपको सही समय और बिना चीरफाड़ के मिल जाएगी। बीएचयू विज्ञान संस्थान स्थित जैव प्रौद्योगिकी स्कूल में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. समरेंद्र सिंह ने बिना चीरफाड़ के सर्वाइकल कैंसर के स्टेज का पता लगाने का तरीका ढूंढ निकाला है। डॉ. समरेंद्र और उनकी टीम ने पाया कि सर्वाइकल कैंसर रोगियों के रक्त-नमूनों में सर्कुलेटिंग सेल फ्री डीएनए की मात्रा बढ़ जाती है। कैंसर रोगी के रक्त नमूनों का उपयोग कर, नॉन-इनवेजिव (बिना चीरफाड़) के रोगियों में ट्यूमर लोड का निदान कर सकते हैं। साथ ही चिकित्सा/सर्जरी के परिणामों का भी अध्ययन कर सकते हैं। (सर्वाइकल कैंसर का पता लगा सकते हैं एवं इलाज की प्रगति देख सकते हैं)। यह अध्ययन रेडियोथैरेपी और विकिरण चिकित्सा विभाग, आईएमएस, बीएचयू के सहयोग से किया गया था। बताया कि परिणाम के अनुसार कहा जा सकता है कि यह अध्ययन सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने और निदान विकसित करने में बहुत उपयोगी हो सकता है, जो दुनिया भर में महिलाओं की मृत्यु के शीर्ष कारकों में से एक है। बताया कि अध्ययन के लिए, विभिन्न आणविक जीव विज्ञान, जैव रसायन, और संरचनात्मक जीव विज्ञान उपकरणों का उपयोग किया जाता है। इसमें यह जांच की कोशिश की जाती है कि कैंसर कोशिकाओं में कोशिका चक्र (सेल साइकिल) व्यवहार गलत तरीके से क्यों विनियमित हो जाता है।
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ऐसे समझिए
डॉ. सोमेंद्र ने बताया कि कैंसर में व्यक्ति के शरीर में डीएनए लोड बढ़ जाता है, जो नहीं होना चाहिए। सर्वाइकल कैंसर किस स्टेज में हैं, इसकी जानकारी के लिए संबंधित मरीज के शरीर से ब्लड सैंपल लिया जाएगा। प्लाज्मा और सीरम को आइसोलेट कराया जाएगा। इसके बाद मैपिंग की जाएगी। ताकि सर्वाइकल कैंसर के बारे में सही जानकारी मिल सके। पहले चरण का अध्ययन पूरा होने के बाद अब आगे भी इस दिशा में और जानकारी जुटाई जा रही है।
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सर्वाइकल कैंसर पर यह पहला अध्ययन
डॉ. समरेंद्र ने बताया कि यह पहला ऐसा अध्ययन है, जो जर्नल ऑफ कैंसर रिसर्च एंड थेराप्यूटिक्स (जेसीआरटी) नामक प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इस शोध के नतीजे सर्वाइकल कैंसर के इलाज में नई दिशा दिखा सकते हैं। अभी तक सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने का एकमात्र तरीका टिश्यू बायोप्सी ही था, जो काफी दर्द भरा होने के साथ सबके लिए आसानी से उपलब्ध नहीं होने वाला था।
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