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गंगा की माटी से कागज पर उकेरे अक्षर
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 12 Oct 2015 02:04 AM IST
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बीएचयू में चल रही कैलीग्राफी की राष्ट्रीय कार्यशाला ‘कलाक्षर’ में बीएचयू के छात्र-छात्राओं ने रविवार को अस्सी घाट पर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। गंगा की माटी से विद्यार्थियों ने कागज पर बेहद आकर्षक और कलात्मक तरीके से अक्षरों को उकेरा। बड़े बैनर पर कैलीग्राफी के माध्यम से स्वच्छ भारत शिक्षित भारत लिखकर युवाओं ने लोगों को शिक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया।
कार्यशाला के आखिरी दिन छात्र-छात्राओं ने बीएचयू के दृश्य कला संकाय से परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर तक कलाक्षर रैली भी निकाली। रैली में विद्यार्थियों ने बैनर पर महामना की उपलब्धियों एवं सामाजिक कार्यों को विभिन्न प्रकार के डिजाइन में लिखकर उकेरा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के पूर्व प्रोफेसर महेंद्र पटेल ने कहा कि इस कला को नई पहचान दिलाने की जरूरत है। छात्रों को विभिन्न प्रकार की कैलीग्राफी के बारे में बताया।
प्रो. मनोहर देसाई ने विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक एवं संगीतमय माहौल में कैलीग्राफी के विषय में परंपरा से लेकर आधुनिक कैलीग्राफी के पारस्परिक संबंधों को समझा। अच्युत पल्लव ने रचनात्मक एवं लयात्मक कैलीग्राफी कार्य करने के बारे में बताया। डॉ. मनीष अरोरा ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से छात्रों और समाज को इस कला के प्रति जागरूक करना है। कॉलेज ऑफ आर्ट्स चंडीगढ़ के शिक्षक डॉ. आनंद शिंदे को बेस्ट पेपर और एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ को बेस्ट पेपर अवार्ड प्रदान किया गया। इस मौके पर दृश्य कला संकाय के डीन प्रो हीरालाल प्रजापति, विजय सिंह, डॉ. विधू भूषण सिह आदि उपस्थित थे।
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कार्यशाला के आखिरी दिन छात्र-छात्राओं ने बीएचयू के दृश्य कला संकाय से परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर तक कलाक्षर रैली भी निकाली। रैली में विद्यार्थियों ने बैनर पर महामना की उपलब्धियों एवं सामाजिक कार्यों को विभिन्न प्रकार के डिजाइन में लिखकर उकेरा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन के पूर्व प्रोफेसर महेंद्र पटेल ने कहा कि इस कला को नई पहचान दिलाने की जरूरत है। छात्रों को विभिन्न प्रकार की कैलीग्राफी के बारे में बताया।
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प्रो. मनोहर देसाई ने विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक एवं संगीतमय माहौल में कैलीग्राफी के विषय में परंपरा से लेकर आधुनिक कैलीग्राफी के पारस्परिक संबंधों को समझा। अच्युत पल्लव ने रचनात्मक एवं लयात्मक कैलीग्राफी कार्य करने के बारे में बताया। डॉ. मनीष अरोरा ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से छात्रों और समाज को इस कला के प्रति जागरूक करना है। कॉलेज ऑफ आर्ट्स चंडीगढ़ के शिक्षक डॉ. आनंद शिंदे को बेस्ट पेपर और एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ को बेस्ट पेपर अवार्ड प्रदान किया गया। इस मौके पर दृश्य कला संकाय के डीन प्रो हीरालाल प्रजापति, विजय सिंह, डॉ. विधू भूषण सिह आदि उपस्थित थे।
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